Trending News

इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार को 'प्रेसीडेंशियल अवॉर्ड फॉर सिविलियन हीरोइज्म' से सम्मानित करने का ऐलान किया कनाडाई कवयित्री ऐन कार्सन को साहित्य का 2026 नोबेल पुरस्कार मिला अमेरिका में Infosys, HCL समेत 8 कंपनियों पर ट्रंप का एक्शन, ग्रीन कार्ड प्रोग्राम सस्पेंड हरियाणा सिविल सर्विस का रिजल्ट घोषित, अभिषेक सरोहा ने किया टॉप 87 विषयों के लिए 14 दिसंबर से होगी यूजीसी नेट परीक्षा, आवेदन के लिए खुली एप्लिकेशन विंडो इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार को 'प्रेसीडेंशियल अवॉर्ड फॉर सिविलियन हीरोइज्म' से सम्मानित करने का ऐलान किया कनाडाई कवयित्री ऐन कार्सन को साहित्य का 2026 नोबेल पुरस्कार मिला अमेरिका में Infosys, HCL समेत 8 कंपनियों पर ट्रंप का एक्शन, ग्रीन कार्ड प्रोग्राम सस्पेंड हरियाणा सिविल सर्विस का रिजल्ट घोषित, अभिषेक सरोहा ने किया टॉप 87 विषयों के लिए 14 दिसंबर से होगी यूजीसी नेट परीक्षा, आवेदन के लिए खुली एप्लिकेशन विंडो

दुनिया पर मंडराया सुपर अल नीनो का खतरा, भारत में सूखे से बिगड़ सकते हैं हालात

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) की रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर से दिसंबर 2026 के बीच प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्सों में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से काफी अधिक रह सकता है

Published: 11:36am, 09 Oct 2026

दुनियाभर में अल नीनो का असर बढ़ने की आशंका ने मौसम विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। अनुमान है कि 2026 के आखिरी महीनों में अल नीनो बेहद मजबूत हो सकता है। इसके प्रभाव से दुनिया के कई हिस्सों में भीषण गर्मी, बारिश की कमी और सूखे जैसे हालात बन सकते हैं, जबकि कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश और बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। इसका सीधा असर खेती-किसानी, जल संसाधनों और लोगों की सेहत पर पड़ने की आशंका है।

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) की रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर से दिसंबर 2026 के बीच प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्सों में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से काफी अधिक रह सकता है। वहीं, अल नीनो का प्रभाव फरवरी 2027 तक बना रहने की आशंका जताई गई है। WMO ने चेतावनी दी है कि यह 1950 के बाद दर्ज सबसे शक्तिशाली अल नीनो घटनाक्रमों में से एक हो सकता है। हालांकि, इसकी वास्तविक तीव्रता और प्रभाव का आकलन मौसम संबंधी आंकड़ों के आधार पर ही किया जा सकेगा।

समुद्र का तापमान 3.7 डिग्री तक बढ़ने का अनुमान

रिपोर्ट के मुताबिक, नीनो 3.4 क्षेत्र में समुद्र की सतह का तापमान जून 2026 में सामान्य से 1.6 डिग्री सेल्सियस अधिक था, जो अगस्त में बढ़कर 2.5 डिग्री सेल्सियस हो गया। अक्टूबर से दिसंबर के बीच इसके 3.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान जताया गया है। यदि ऐसा होता है, तो अल नीनो की तीव्रता को लेकर चिंता और बढ़ सकती है। यह नवंबर 2015-जनवरी 2016 के दौरान दर्ज 2.6 डिग्री सेल्सियस के पिछले रिकॉर्ड से काफी अधिक होगा।

भारत में सूखे का खतरा, फसलों पर पड़ सकता है असर

अल नीनो का प्रभाव भारत समेत दक्षिण एशिया के कई हिस्सों में बारिश के पैटर्न को प्रभावित कर सकता है। यदि बारिश सामान्य से कम रहती है, तो खरीफ की फसलों की उत्पादकता पर असर पड़ सकता है। वहीं, जल संसाधनों पर दबाव बढ़ने से सिंचाई की समस्या गंभीर हो सकती है। अल नीनो का प्रभाव फरवरी 2027 तक बने रहने की स्थिति में रबी की फसलों के लिए भी चुनौतियां बढ़ सकती हैं।

कहीं भीषण गर्मी तो कहीं बाढ़ की आशंका

अल नीनो के कारण दुनिया के कई हिस्सों में तापमान बढ़ सकता है। कुछ क्षेत्रों में लंबे समय तक सूखे की स्थिति बन सकती है, जबकि अन्य इलाकों में अत्यधिक बारिश से बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। इसका असर कृषि उत्पादन के साथ-साथ खाद्य आपूर्ति और लोगों की सेहत पर भी पड़ सकता है।

कुल मिलाकर, अल नीनो की संभावित तीव्रता दुनिया के लिए बड़ी जलवायु चुनौती बन सकती है। भारत में बारिश की स्थिति और कृषि पर इसके प्रभाव को देखते हुए आने वाले महीनों के मौसम पूर्वानुमानों पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।

YuvaSahakar Desk