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त्योहारी सीजन से पहले RBI का झटका, चार साल बाद बढ़ाया ब्याज दर, सभी कर्ज होंगे महंगे, EMI भी बढ़ेगी

त्योहारी सीजन के बीच भारतीय रिजर्व बैंक ने आम लोगों को ब्याज दरों में बढ़ोतरी का झटका दिया है। RBI की मौद्रिक नीति समिति ने रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी कर इसे 5.25 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत कर दिया है।

Repo Rate Hike Returns After Nearly Four Years, Markets Feel the Heat


Published: 12:39pm, 07 Oct 2026

त्योहारी सीजन शुरू होने से ठीक पहले भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने आम लोगों को ब्याज दरों में बढ़ोतरी का झटका दिया है। RBI की मौद्रिक नीति समिति ने रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी कर इसे 5.25 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत कर दिया है। यह फरवरी 2023 के बाद पहली बढ़ोतरी है, यानी करीब 3 साल 8 महीने बाद रेपो रेट बढ़ाया गया है।

रेपो रेट बढ़ने का सीधा असर फ्लोटिंग रेट वाले होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन पर पड़ता है। बैंकों की फंडिंग लागत बढ़ने पर नई उधारी महंगी हो सकती है और मौजूदा फ्लोटिंग लोन की EMI या लोन अवधि बढ़ सकती है। इससे त्योहारी सीजन में घर, कार और दूसरी बड़ी खरीदारी की योजना बना रहे लोगों के मासिक बजट पर दबाव बढ़ेगा।

महंगी EMI का असर रियल एस्टेट, ऑटोमोबाइल और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की मांग पर भी पड़ सकता है। दूसरी ओर, फिक्स्ड रेट लोन वालों पर तत्काल असर नहीं पड़ेगा। बैंक आने वाले दिनों में जमा दरों में भी बदलाव कर सकते हैं, जिससे कुछ FD निवेशकों को बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना बन सकती है।

RBI का मुख्य फोकस बढ़ती महंगाई पर नियंत्रण है। वैश्विक तनाव, महंगा कच्चा तेल और कमजोर रुपये जैसे कारकों से महंगाई का जोखिम बढ़ा है। अगस्त की खुदरा महंगाई 4.82 प्रतिशत रही थी और इसी पृष्ठभूमि में बाजार पहले से ब्याज दर बढ़ने की आशंका जता रहा था।

शेयर बाजार पर भी दबाव दिखा। सेंसेक्स लगभग 399 अंक यानी 0.55 प्रतिशत गिरकर 72,669 के आसपास और निफ्टी करीब 156 अंक यानी 0.7 प्रतिशत गिरकर 22,620 के आसपास कारोबार कर रहा था। बाजार की कमजोरी के पीछे ब्याज दर बढ़ने की आशंका के साथ ऊंचे कच्चे तेल के भाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी प्रमुख कारण रहे।
कुल मिलाकर RBI की यह नीति कर्ज लेने वालों के लिए महंगाई बढ़ाने वाली साबित हो सकती है, जबकि केंद्रीय बैंक के लिए प्राथमिकता बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण बनाए रखना है।

Jitendra