सहकारिता मंत्रालय को आधार आधारित सेवाओं के लिए नया ढांचा विकसित करने की दिशा में किए गए योगदान के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यानी यूआईडीएआई ने सम्मानित किया है। मंत्रालय को कोलकाता में आयोजित 17वें आधार दिवस समारोह के दौरान आधार साझेदारी’ पहल में योगदान के लिए प्रशंसा प्रमाणपत्र प्रदान किया गया।
यह सम्मान सहकारिता मंत्रालय और यूआईडीएआई के बीच डिजिटल सेवाओं को सहकारी तंत्र से जोड़ने की दिशा में किए जा रहे सहयोग को रेखांकित करता है। इसका उद्देश्य आधार आधारित तकनीक के जरिए नागरिक-केंद्रित सेवाओं की पहुंच बढ़ाना और सहकारी संस्थाओं में डिजिटल प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाना है।
सहकारी क्षेत्र में हाल के वर्षों में डिजिटलीकरण पर जोर बढ़ा है। सहकारिता मंत्रालय विभिन्न स्तरों पर सहकारी संस्थाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन सेवाओं और तकनीक आधारित प्रणालियों से जोड़ने की दिशा में काम कर रहा है। मंत्रालय की वेबसाइट पर भी राष्ट्रीय सहकारिता नीति 2025, डिजिटल पहल और सहकारी संस्थाओं के आधुनिकीकरण को प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है।
‘आधार साझेदारी’ के तहत सहकारी संस्थाओं के माध्यम से ऐसी सेवाओं की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है, जिनमें पहचान सत्यापन और डिजिटल सेवा वितरण को अधिक सरल और भरोसेमंद बनाया जा सके। यह पहल सहकारी क्षेत्र को व्यापक डिजिटल सार्वजनिक ढांचे से जोड़ने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
यूआईडीएआई की ओर से मिला यह सम्मान ऐसे समय आया है जब सहकारिता क्षेत्र में कागज रहित प्रक्रियाओं और आधार आधारित सेवाओं का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है। उदाहरण के तौर पर सहकारिता मंत्रालय ने सितंबर 2026 में सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल पर आधार आधारित भुगतान प्रक्रिया दोबारा शुरू करने की जानकारी दी थी।
मंत्रालय का फोकस अब तकनीक के जरिए सहकारी संस्थाओं की कार्यक्षमता बढ़ाने, सेवा वितरण को सरल बनाने और नागरिकों तक डिजिटल सेवाओं की पहुंच मजबूत करने पर है।


