उत्तर प्रदेश पुलिस में सब-इंस्पेक्टर बनने का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों के लिए बड़ी खबर है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती 2025 के तहत चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी करने पर फिलहाल रोक लगा दी है। मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी। मामला लिखित परीक्षा की प्रोविजनल और फाइनल आंसर की में कुछ सवालों के जवाब बदले जाने से जुड़ा है।
15.75 लाख से ज्यादा आवेदन, 10.77 लाख ने दी परीक्षा
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPBPB) ने सब-इंस्पेक्टर सिविल पुलिस और समकक्ष पदों पर भर्ती के लिए 12 अगस्त 2025 को विज्ञापन जारी किया था। इस भर्ती के लिए कुल 15,75,706 आवेदन प्राप्त हुए। लिखित परीक्षा 14 और 15 मार्च को दो-दो पालियों में आयोजित की गई, जिसमें करीब 10.77 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए। परीक्षा के बाद भर्ती बोर्ड ने 23 मार्च को प्रोविजनल आंसर की जारी की और अभ्यर्थियों से आपत्तियां मांगी गईं। इसके बाद 7 मई को फाइनल आंसर की और लिखित परीक्षा का परिणाम जारी किया गया।
फाइनल आंसर की में जवाब बदलने पर विवाद
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि प्रोविजनल और फाइनल आंसर की के बीच कुछ प्रश्नों के उत्तर बदल दिए गए। उनका आरोप है कि इन बदलावों का असर अभ्यर्थियों के अंकों और अगले चरण के लिए उनकी पात्रता पर पड़ा।
याचिकाकर्ताओं के अनुसार, परीक्षा में प्रत्येक प्रश्न 2.5 अंक का था, इसलिए उत्तरों में बदलाव से कुछ उम्मीदवारों के परिणाम पर मामूली अंकों का भी प्रभाव पड़ा। उनका यह भी कहना है कि कुछ अभ्यर्थी पहले अगले चरण के लिए योग्य माने जा रहे थे, लेकिन बाद में फाइनल परिणाम में एक-दो अंकों के अंतर से बाहर हो गए। अभ्यर्थियों ने बदले गए उत्तरों को लेकर आपत्तियां दर्ज कराईं, लेकिन उनका दावा है कि भर्ती बोर्ड ने उन पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की।
12,733 उम्मीदवार लिखित परीक्षा में सफल
लिखित परीक्षा का परिणाम 7 मई को जारी किया गया था, जिसमें 12,733 अभ्यर्थियों को अगले चरण के लिए सफल घोषित किया गया। इसके बाद 14 जुलाई को फाइनल रिजल्ट जारी किया गया। चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित करने की तैयारी चल रही थी। इसी बीच नियुक्ति पत्र जारी करने पर हाईकोर्ट की रोक का आदेश आया है। कोर्ट में श्याम सुंदर, कमलेश यादव और अन्य तथा यश पांडेय समेत 44 अन्य अभ्यर्थियों की ओर से याचिकाएं दाखिल की गई हैं।
अब इस मामले में हाईकोर्ट की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी। तब तक 4,543 पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी करने की प्रक्रिया पर रोक रहेगी।


