अपनी ऑलराउंडर दीपिका सहरावत के 21 और नवनीत कौर के 10 गोल के बूते जीत का ‘पंजा’ जड़ कर काकामिगहारा (जापान) में 20 वें एशियाई खेलों में पूल बी में शीर्ष पर रही भारतीय महिला हॉकी टीम का असल इम्तिहान बुधवार को सेमीफाइनल में काकामिगहारा (जापान) के कावासाकी जूको स्टेडियम में पूल ए में दूसरे स्थान पर रही दक्षिण कोरिया के खिलाफ होगा। भारत का पलड़ा सेमीफाइनल में बेशक भारी है लेकिन उसे दक्षिण कोरिया के जवाबी हमलों से चौकस रहने की जरूरत है। भारतीय महिला हॉकी टीम की निगाहें एशियाई खेलों में 44 बरस बाद फिर से स्वर्ण जीतने पर लगी हैं और दक्षिण कोरिया के खिलाफ यह सेमीफाइनल उसका पहला पड़ाव है। भारतीय महिला हॉकी टीम ने 1982 में एशियाई खेलों में पहले संस्करण में स्वर्ण पदक जीता था। भारतीय महिला हॉकी टीम अब उसके बाद स्वर्ण पदक जीतने से बस दो कदम दूर है। भारत को दक्षिण कोरिया की मिडफील्डर सियुंग पार्क से चौकस रहना होगा। भारत की रक्षापंक्ति में साक्षी राणा और सुशीला चानू के साथ दोनो गोलरक्षक सविता और बिच्छू को पूरी मुस्तैदी दिखानी होगी।
भारत ने पूल बी में अपने पांच में मैचों कुल 66 गोल किए और मात्र तीन गोल और उसका गोल अंतर+63 रहा। अपने किले मजबूत की चौकसी और जवाबी हमले बोल गोल करने में यकीन रखने वाली दक्षिण कोरिया ने पांच में चार मैच जरूर जीते और इकलौती हार मौजूदा चैंपियन चीन को 40 मिनट तक गोलरहित रोकने के बाद 0-3 से झेली। भारत के लिए उत्साहवर्द्धक बात यह है कि उसके लिए शुरू के पांच मैचो में उसकी 13 अलग अलग खिलाड़ियों ने गोल किए जबकि दक्षिण कोरिया के लिए उसकी कुल आठ खिलाड़ियों ने गोल किए है। बेशक दक्षिण कोरिया की ताकत उसके जवाबी हमले हैं लेकिन भारत की खुशकिस्मती है कि उसके पास इस वक्त दुनिया की दो सबसे बेहतरीन गोलरक्षक अनुभवी सविता पूनिया और बिच्छू देवी खरीबम हैं। दक्षिण कोरिया के खिलाफ सेमीफाइनल में गोलरक्षक सविता और बिच्छू के साथ स्ट्राइकर नवनीत कौर, ललरेमसियामी व इशिका साबित हो सकती हैं भारत की तुरुप का इक्का।
भारत के पास पेनल्टी कॉर्नर का सही इस्तेमाल कर उसे गोल में तब्दील करने में सक्षम मौजूदा संस्करण संस्करण में सबसे ज्यादा गोल करने वाली ड्रैग फ्लिकर दीपिका सहरावत व नवोदित ललथांतलुआंगी के साथ परांगतगत पेनल्टी कॉर्नर हिटर नवनीत कौर जैसी खिलाड़ी हैं। भारत के सबसे उत्साहवर्द्धक बात यह है कि पेनल्टी कार्नर पर दीपिका सहरावत और के ड्रैग फ्लिक पर और नवनीत कौर की हिट पर लौटती गेंद को गोल में डाल कर गोल करने में सक्षम इशिका, ललरेमसियामी, सुनीलिता टोपो जैसी डी में बराबर मंडराती स्ट्राइकर हैं। भारत के पास बड़े मैच में खासतौर पर परीक्षा में बराबर खरी उतरने वाली नवनीत कौर, ललरेमसियामी के साथ इशिका जैसी स्ट्राइकर हैं। भारत को बेशक दक्षिण कोरिया के लिए सबसे ज्यादा आठ गोल करने वाली उसकी स्टाइकर सियोंग अई पाक और सून जिन व जी यून से चौकस रहना होगा।
दक्षिण कोरिया ने पूल ए में पांच मैचों कुल 20 करने के साथ पांच गोल भी खाए। दक्षिण कोरिया ने इकलौती हार मौजूदा चैंपियन चीन को 40 मिनट तक रोकने के बाद 0-3 से झेली। भारत ने पूल बी में मेजबान जापान पर 3-1 को छोड़ कर जिस तरह बाकी मैचों में गोल की बारिश कर उज्बेकिस्तान पर 19-0, इंडोनेशिया पर 17-1, सिंगापुर पर 20-1 और सिंगापुर को 7-0से हराया। मात्र एक मैच मौजूदा चैंपियन चीन को 40 मिनट तक रोकने के बाद 0-3 से हारी जबकि उसने चीनी ताइपे को 3-1, कजाकिस्तान को 7-0से,बांग्लादेश को 8-0 से मलयेशिया को 2-0 से हराया। दिलचस्प है कि भारत की ड्रैग फ्लिकर-स्ट्राइकर दीपिका सहरावत ने हैट्रिक की झड़ी लगाते हुए अकेले ही 21 गोल किए जबकि दक्षिण कोरिया की टीम कुल 20 गोल कर पाई है। भारत के उसके सेमीफाइनल के सफर में गोल की बारिश करने वाली दीपिका सहरावत और नवनीत कौर के साथ, ऋतुजा डडासो पिसल ने सात, ललरेमसियामी ने छह, इशिका ने पांच, साक्षी राणा और सुनीलिता टोपो ने चार-चार, कप्तान सलीमा टेटे ने तीन, ललथांतलुआंगी और नेहा गोयल ने दो दो तथा बलजीत कौर व निकी प्रधान ने एक एक गोल किया। वहीं दक्षिण कोरिया के पांच मैचों में कुल 20 गोल में से सबसे ज्यादा आठ गोल सियोंग अई पार्क ने, सू जिन एन व जी यून चोई ने तीन तीन व पार्क हयुंग ने दो तथा सुंग ही जुंग, ज्योन इन किम ,सियोन किम व यू री ली ने एक एक गोल किया।
द कोरिया की सेमीफाइनल की चुनौती के लिए तैयार : मराइन
भारतीय महिला हॉकी टीम के चीफ कोच शुएर्ड मराइन ने कहा, ‘हमारी लिए ट्रेनिंग लय बनाए रखने का जरिया है। हम पूल चरण में मेजबान जापान को छोड़ कर ऐसे प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ खेले जिनके खिलाफ चुनौती बहुत बड़ी नहीं थी। एशियाई खेलों में दक्षिण कोरिया के खिलाफ सेमीफाइनल बड़ी चुनौती हैं और हम इसके लिए तैयार हैं।
सेमीफाइनल: भारत वि दक्षिण कोरिया, दोपहर बाद साढ़े तीन बजे से(भारतीय समयानुसार)।


