भारत की प्रमुख डेयरी सहकारी संस्था अमूल अमेरिका के बाजार में अपनी मौजूदगी को लगातार मजबूत कर रही है। अमूल अमेरिका में स्थानीय उत्पादन मॉडल अपना रही है, जिसमें कंपनी अपने ब्रांड और उत्पाद फॉर्मूलेशन को अमेरिकी डेयरी किसानों से प्राप्त दूध के साथ जोड़ रही है।
गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF), जो अमूल ब्रांड का संचालन करता है, ने वर्ष 2024 में मिशिगन मिल्क प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (MMPA) के साथ साझेदारी की थी। इस साझेदारी के तहत अमेरिका में ताजा दूध उत्पादों को पेश किया गया। इस मॉडल में भारत से दूध भेजने के बजाय MMPA अपने डेयरी नेटवर्क, प्रसंस्करण सुविधाओं और सदस्य किसानों से प्राप्त दूध का उपयोग करता है, जबकि अमूल अपनी ब्रांड पहचान, गुणवत्ता मानकों और उत्पाद फॉर्मूलेशन की विशेषज्ञता उपलब्ध कराता है।
अमूल गोल्ड, जिसमें 6 प्रतिशत मिल्क फैट होता है, अमेरिकी बाजार में प्रमुख उत्पादों में शामिल है। इसके अलावा अमूल शक्ति, ताजा और स्लिम एन ट्रिम जैसे उत्पाद भी अमेरिका में उपलब्ध हैं। अमूल गोल्ड ने वर्ष 2024 में कॉस्टको स्टोर्स के माध्यम से अमेरिकी बाजार में प्रवेश किया और इसके बाद इसकी पहुंच का विस्तार हुआ है।
यह साझेदारी अमूल की वैश्विक विस्तार रणनीति का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है, जिसमें भारतीय डेयरी अनुभव को स्थानीय उत्पादन व्यवस्था के साथ जोड़ा जा रहा है। स्थानीय स्तर पर उत्पादन करने से कंपनी को उपभोक्ताओं की जरूरतों के अनुरूप उत्पाद उपलब्ध कराने और आपूर्ति श्रृंखला को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलती है।
अमूल का यह कदम सहकारी डेयरी मॉडल की अंतरराष्ट्रीय क्षमता को भी दर्शाता है, जहां स्थानीय किसानों की भागीदारी के साथ भारतीय ब्रांड को वैश्विक उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा रहा है। यह पहल भारत की सफल सहकारी डेयरी व्यवस्था और अमेरिकी डेयरी क्षेत्र के बीच एक नया व्यापारिक सहयोग मॉडल प्रस्तुत करती है।


