भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अर्बन को-ऑपरेटिव बैंकों (UCBs) और रूरल को-ऑपरेटिव बैंकों (RCBs) सहित सभी रेगुलेटेड संस्थाओं को केंद्र सरकार की ओर से शाहजाद भट्टी नेटवर्क (SBN) को आतंकवादी संगठन घोषित किए जाने संबंधी अधिसूचना पर अमल करने को कहा है। गृह मंत्रालय ने 16 सितंबर 2026 को SBN को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 यानी UAPA की पहली अनुसूची में 46वीं प्रविष्टि के रूप में शामिल किया है।
RBI ने अपने निर्देश में कहा है कि बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थाओं को KYC से जुड़े मौजूदा नियमों तथा UAPA के तहत निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करना होगा। यह निर्देश केवल सहकारी बैंकों तक सीमित नहीं है। इसके दायरे में कमर्शियल बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक, पेमेंट बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, NBFC और अन्य RBI रेगुलेटेड संस्थाएं भी आती हैं।
रेगुलेटेड संस्थाओं को अपने ग्राहकों और खातों की नियमित जांच करनी होगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किसी खाते या ग्राहक का विवरण UAPA के तहत सूचीबद्ध व्यक्ति या संस्था से मेल तो नहीं खाता। ऐसे मामलों में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित खाते, वित्तीय संपत्ति या आर्थिक संसाधनों की जानकारी सक्षम एजेंसियों को देनी होगी। RBI के मौजूदा UAPA अनुपालन ढांचे में संदिग्ध या मेल खाते मामलों की जानकारी FIU-IND और संबंधित सरकारी अधिकारियों तक पहुंचाने की व्यवस्था शामिल है।
RBI ने बैंकों से कहा है कि वे UAPA की अनुसूची में होने वाले भविष्य के संशोधनों पर भी लगातार नजर रखें और उसके अनुरूप अपनी निगरानी तथा अनुपालन व्यवस्था को अपडेट करें। इस कदम का उद्देश्य सूचीबद्ध संगठनों या व्यक्तियों को बैंकिंग और वित्तीय प्रणाली के जरिए धन या अन्य आर्थिक संसाधनों तक पहुंच से रोकना है।


