केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के पोर्टल में सुरक्षा खामी का पता लगाने वाले 19 वर्षीय एथिकल हैकर निसर्ग अधिकारी को अमेरिकी न्याय विभाग (US Department of Justice) के हॉल ऑफ फेम में शामिल कर सम्मानित किया गया है। साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में यह उपलब्धि उनके जिम्मेदार और तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण योगदान को दर्शाती है।
निसर्ग अधिकारी ने CBSE से जुड़े एक पोर्टल में संभावित सुरक्षा कमजोरी की पहचान की थी। इस तरह की खामियां यदि समय रहते दूर न की जाएं तो इनके जरिए संवेदनशील सूचनाओं तक अनधिकृत पहुंच, डेटा लीक या अन्य साइबर खतरों की आशंका पैदा हो सकती है। निसर्ग ने खामी का गलत इस्तेमाल करने के बजाय जिम्मेदार तरीके से संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दी, ताकि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।
एथिकल हैकिंग में साइबर विशेषज्ञ किसी वेबसाइट, एप्लिकेशन या डिजिटल सिस्टम की कमजोरियों की पहचान करते हैं और उन्हें संबंधित संस्था तक पहुंचाते हैं। इसका उद्देश्य साइबर हमलों को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि संभावित खतरों को पहले ही पहचानकर सिस्टम को सुरक्षित बनाना होता है।
अमेरिकी न्याय विभाग का हॉल ऑफ फेम उन साइबर सुरक्षा शोधकर्ताओं और एथिकल हैकरों को पहचान देता है, जिन्होंने विभाग से जुड़े डिजिटल सिस्टम की सुरक्षा में योगदान दिया है। इसमें निसर्ग अधिकारी का नाम शामिल होना भारतीय युवाओं के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
महज 19 वर्ष की उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली इस पहचान से निसर्ग ने साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में युवाओं की बढ़ती भूमिका को रेखांकित किया है। यह उपलब्धि यह भी बताती है कि जिम्मेदार तरीके से की गई साइबर सुरक्षा रिसर्च सरकारी और सार्वजनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म को अधिक सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।


