गौतम गंभीर का कहना है, ‘हम जानते हैं कि एक साल बाद जब हम दक्षिण अफ्रीका जाएंगे तो सीम गेंदबाजी ऑलराउंडर कितने अहम होंगे। सीम गेंदबाजी ऑलराउंडर जितने ज्यादा होंगे हमारे लिए उतना ही अच्छा होगा। मैं फिर यह बताना चाहूंगा कि हार्दिक पाडंया अभी दस ओवर नहीं फेंक सकते हैं और आईपीएल के बाद उन्होंने ज्यादा क्रिकेट नहीं खेली है । हम हार्दिक पांडया को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में उतारने में उतावली नहीं करना चाहते क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट शरीर के लिए बहुत मुश्किल हो सकता है। हार्दिक पांडया यदि भारत ए सीरीज में खेलते हैं और उन्हें मैदान पर खेलने का कुछ वक्त मिलेगा। हार्दिक के लिए साफ यही संदेश है कि वह यदि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच ए सीरीज खेलते हैं तो और तब सब कुछ ठीक रहता है तो तब वह वापसी कर टी 20 और वन डे क्रिकेट टीम का हिस्सा बन सकते हैं।’
अगले डेढ़ महीने के भीतर दो भारत ए टीमें और शेष भारत की टीमें क्रिकेट खेलती दिखेंगी जिन्हें सीनियर राष्टीय क्रिकेट चयनकर्ताओं ने हाल ही में घोषित किया है। भारत के लिहाज से असामान्य रूप से यह व्यस्त समय है। जब गौतम गंभीर से इस बाबत पूछा गया तो उन्होंने माना, ‘जब आप वन डे क्रिकेट विश्व कप की तैयारी में जुटे तो यह साल का कोई आदर्श समय नहीं है। गंभीर ने कहा, ‘एशियाई खेलों के लिए भारतीय टी 20 टीम बहुत पहले ही चुन ली गई थी। चयनकर्ताओं को जब सर्वश्रेष्ठ टीम चुनती होती है उनके लिए यह खासा मुश्किल काम होता है लेकिन एक बात जरूर है कि इससे अन्य खिलाड़ियों के पास भारत की वन डे अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट टीम में चुने जाने का मौका होता है। इन सीरीज में सफेद गेंद से क्रिकेट के छोटे प्रारूप में नमन धीर और आकिब नबी जैसे नौजवान खिलाड़ियों को मौका मिलता है ,जिससे कि वे यह दिखा सकें कि सफेद गेंद से वह क्या कमाल कर सकते हैं। अच्छी बात है कि हमारे पास क्रिकेटरों का जितना बड़ा पूल होगा हमारे लिए उतना ही बेहतर होगा। अमूमन जब सभी क्रिकेटर उपलब्ध होते है तब अक्सर बाकी क्रिकेटरों को मौका नहीं मिल पाता है।


