केंद्रीय सहकारी समिति पंजीयक कार्यालय यानी सीआरसीएस ने लगातार दो वित्तीय वर्षों की वैधानिक वार्षिक रिटर्न दाखिल नहीं करने वाली 58 बहु-राज्य सहकारी समितियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। इन समितियों को अंतिम नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर जवाब देने को कहा गया है। संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर इनके खिलाफ समापन यानी वाइंडिंग-अप की कार्यवाही शुरू की जा सकती है।
नोटिस बहु-राज्य सहकारी समिति अधिनियम, 2002 की धारा 120 और 120ए के तहत जारी किए गए हैं। वर्ष 2023 में हुए संशोधनों के बाद बहु-राज्य सहकारी समितियों के लिए वित्तीय, प्रशासनिक और इलेक्ट्रॉनिक अनुपालन की व्यवस्था को अधिक सख्त और पारदर्शी बनाया गया है।
नियमों के अनुसार प्रत्येक पंजीकृत बहु-राज्य सहकारी समिति को वित्तीय वर्ष समाप्त होने के छह महीने के भीतर केंद्रीय पंजीयक के पास अपनी वार्षिक रिटर्न दाखिल करनी होती है। वित्त वर्ष 2023-24 की रिटर्न 30 सितंबर 2024 तक और 2024-25 की रिटर्न 30 सितंबर 2025 तक जमा की जानी थी। रिकॉर्ड की जांच में संबंधित 58 समितियों द्वारा दोनों वर्षों की रिटर्न दाखिल नहीं किए जाने की बात सामने आई।
धारा 120ए के तहत समितियों को सीआरसीएस पोर्टल पर वित्तीय विवरण, लेखा-परीक्षा रिपोर्ट, परिचालन जानकारी, घोषणाएं, आम सभा बैठकों का ब्योरा और संबंधित पक्षों के साथ हुए लेनदेन की जानकारी इलेक्ट्रॉनिक रूप से दर्ज करनी होती है।
सीआरसीएस ने संबंधित समितियों को लंबित रिटर्न तत्काल पोर्टल पर अपलोड करने और अपने जवाब की भौतिक प्रति भी कार्यालय में जमा करने के निर्देश दिए हैं।
नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित अवधि में जवाब नहीं मिलने पर यह माना जाएगा कि समिति को मामले में कोई स्पष्टीकरण नहीं देना है और इसके बाद अधिनियम के प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है।


