देशभर में प्राथमिक कृषि ऋण समितियों यानी पैक्स ग्रामीण नागरिकों के लिए बहु-सेवा केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में केंद्र सरकार ने काम तेज कर दिया है। इस उद्देश्य से सहकारिता मंत्रालय के सचिव आशीष भूटानी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में पैक्स को वन-स्टॉप शॉप के रूप में विकसित करने की प्रगति की समीक्षा की गई, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, सहकारी सेवाओं और अन्य सुविधाओं के लिए अलग-अलग कार्यालयों पर निर्भर न रहना पड़े। योजना है कि पैक्स के माध्यम से एक ही स्थान पर कई सेवाओं और योजनाओं की जानकारी तथा पहुंच उपलब्ध कराई जाए।
बैठक के दौरान विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संगठनों से प्राप्त प्रतिक्रियाओं की स्थिति का आकलन किया गया। जिन विभागों से अभी जानकारी लंबित है, उनके लिए समयसीमा तय करने तथा सभी संबंधित योजनाओं और सेवाओं को पैक्स स्तर पर एकीकृत करने के लिए एक साझा ढांचा तैयार करने पर चर्चा हुई।
विशेष रूप से M-PACS को सिंगल-विंडो वन-स्टॉप शॉप के रूप में चरणबद्ध तरीके से लागू करने की कार्ययोजना पर जोर दिया गया। इसके तहत पायलट पैक्स और जिलों की पहचान, कर्मचारियों और संबंधित अधिकारियों की क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण व्यवस्था तथा नियमित समीक्षा प्रणाली विकसित करने पर विचार किया गया।
इस पहल का लक्ष्य पैक्स की पारंपरिक भूमिका को व्यापक बनाकर उन्हें ग्रामीण सेवा वितरण की मजबूत इकाई में बदलना है। इससे गांवों में सरकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ने के साथ सेवाओं के वितरण में तेजी और सुविधा आने की उम्मीद है।
बैठक में अतिरिक्त सचिव सिद्धार्थ जैन, नाबार्ड के अध्यक्ष शाजी के.वी. सहित सहकारिता मंत्रालय, अन्य संबंधित मंत्रालयों, विभागों और संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


