केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने प्राथमिक स्तर पर कार्यरत बीएड डिग्रीधारी शिक्षकों के लिए छह महीने के सर्टिफिकेट ब्रिज कोर्स इन प्राइमरी टीचर एजुकेशन की शुरुआत की है। इस कोर्स का उद्देश्य कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाने वाले सेवाकालीन शिक्षकों को प्राथमिक शिक्षा के अनुरूप जरूरी प्रशिक्षण और प्रमाणन उपलब्ध कराना है।
इस पाठ्यक्रम का संचालन नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग यानी NIOS के माध्यम से किया जाएगा। इसे राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद यानी NCTE के निर्धारित ढांचे के अनुसार तैयार किया गया है। पाठ्यक्रम में छह थ्योरी कोर्स के साथ स्कूल आधारित प्रैक्टिकम शामिल होगा। शिक्षकों को कम से कम 10 दिन की ऑनलाइन संपर्क कक्षाएं और कम से कम 20 दिन का स्कूल आधारित अनुभव भी पूरा करना होगा।
ब्रिज कोर्स में बाल केंद्रित शिक्षण, समावेशी शिक्षा, बच्चों की विकासात्मक जरूरतों के अनुरूप अध्यापन और बुनियादी शिक्षा से जुड़े कौशल पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रशिक्षण में प्रैक्टिस टीचिंग, रिफ्लेक्टिव जर्नल, पोर्टफोलियो, वीडियो ट्यूटोरियल, ई-लर्निंग सामग्री और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाएगा।
यह कोर्स उन सेवाकालीन प्राथमिक शिक्षकों के लिए है जिनकी नियुक्ति 28 जून 2018 से 11 अगस्त 2023 के बीच बीएड योग्यता के आधार पर हुई थी और जिनकी नियुक्तियां संबंधित NCTE अधिसूचना के तहत संरक्षित हैं। यह व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट के 8 अप्रैल 2024 के निर्णय के बाद तैयार की गई है।
कोर्स की पढ़ाई हिंदी और अंग्रेजी माध्यम में होगी। हालांकि शिक्षक सार्वजनिक थ्योरी परीक्षा संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल 22 भाषाओं में से किसी भाषा में दे सकेंगे। प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी। पात्र शिक्षक NIOS के आधिकारिक ब्रिज कोर्स पोर्टल पर पंजीकरण और आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर सकेंगे।


