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आईसीए ग्लोबल बोर्ड में चुने गए IFFCO चेयरमैन दिलीप संघाणी

दिलीप संघाणी के पास सार्वजनिक जीवन और सहकारी क्षेत्र का 40 वर्षों से अधिक का अनुभव है

Published: 11:24am, 16 Sep 2026

भारतीय किसान उर्वरक सहकारी लिमिटेड (IFFCO) के चेयरमैन दिलीप संघाणी को इंटरनेशनल कोऑपरेटिव एलायंस (ICA) के ग्लोबल बोर्ड में एट-लार्ज डायरेक्टर चुना गया है। यह भारत और देश के तेजी से बढ़ते सहकारी आंदोलन के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

15 सितंबर को पनामा सिटी में आयोजित ICA महासभा के दौरान हुए चुनाव में संघाणी को 526 वोट मिले। 30 सदस्यीय ICA ग्लोबल बोर्ड के लिए 15 एट-लार्ज पदों पर कई देशों के सहकारी नेताओं के बीच मुकाबला हुआ, जिसमें भारत की ओर से संघाणी एकमात्र उम्मीदवार थे।

526 मतों के साथ वे पूरे चुनाव में तीसरे सबसे अधिक वोट पाने वाले उम्मीदवार रहे, जबकि एशिया, यूरोप और अफ्रीका के उम्मीदवारों में सबसे अधिक मत हासिल करने वाले नेता बने। उनकी जीत से भारत को वैश्विक सहकारी आंदोलन की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था में सीधा प्रतिनिधित्व मिला है।

भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को मिली मान्यता

संघाणी की उम्मीदवारी को भारतीय सहकारी प्रतिनिधिमंडल का मजबूत समर्थन मिला। इसके अलावा कई देशों के सहकारी संगठनों और नेताओं ने भी उनके पक्ष में समर्थन जुटाया। वर्ष 2024 में नई दिल्ली में आयोजित ICA ग्लोबल कोऑपरेटिव कॉन्फ्रेंस और महासभा में उनकी सक्रिय भूमिका ने भी उनकी अंतरराष्ट्रीय पहचान को मजबूत किया था। इसी सम्मेलन के साथ अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 की शुरुआत भी जुड़ी रही।

चार दशक का सार्वजनिक और सहकारी अनुभव

दिलीप संघाणी के पास सार्वजनिक जीवन और सहकारी क्षेत्र का 40 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे गुजरात विधानसभा के दो बार सदस्य रह चुके हैं तथा अमरेली लोकसभा सीट से चार बार सांसद चुने गए। उन्होंने गुजरात सरकार में विभिन्न मंत्री पदों की जिम्मेदारियां भी निभाई हैं।

वे राष्ट्रीय सहकारी संघ (NCUI) के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वर्तमान में उनके नेतृत्व में IFFCO से 35,700 प्राथमिक सहकारी समितियां जुड़ी हैं, जो 5 करोड़ से अधिक किसानों का प्रतिनिधित्व करती हैं।

सहयोग, तकनीक और समावेशी विकास पर जोर

अपने चुनाव अभियान में संघाणी ने वैश्विक सहयोग को मजबूत करने, नवाचार, डिजिटल परिवर्तन और समावेशी विकास को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि तकनीकी प्रगति को सहकारिता के मूल्यों और सिद्धांतों से जोड़कर आगे बढ़ाना आवश्यक है।

चुनाव अभियान में IFFCO टीम की अहम भूमिका

IFFCO के कोऑपरेटिव रिलेशंस विभाग के प्रमुख तरुण भार्गव ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थन जुटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इससे पहले भी वे आदित्य यादव को दो बार ICA ग्लोबल बोर्ड में निर्वाचित कराने और डॉ. चंद्रपाल सिंह यादव को ICA एशिया-प्रशांत का अध्यक्ष बनाने में सक्रिय रहे हैं। इसके अलावा NCUI से सेवानिवृत्त होने के बाद IFFCO में सलाहकार के रूप में जुड़ीं सावित्री सिंह ने भी अंतरराष्ट्रीय सहयोग और समर्थन जुटाने में उल्लेखनीय योगदान दिया।

संघाणी का यह चुनाव भारत की सहकारी व्यवस्था के लिए एक नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है, जिससे वैश्विक स्तर पर सहकारी विकास, प्रौद्योगिकी और समावेशी नीतियों में भारत की भूमिका और मजबूत होगी।

YuvaSahakar Desk