उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद यानी यूपी बोर्ड ने कक्षा 10वीं की परीक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब हाईस्कूल में विज्ञान और गृह विज्ञान विषयों में स्कूल स्तर पर होने वाला आंतरिक प्रयोगात्मक मूल्यांकन समाप्त कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत दोनों विषयों में 30 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा आयोजित की जाएगी।
यूपी बोर्ड की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार शासन के आदेश पर परिषद के विनियमों के अध्याय-13 के विनियम-3 में संशोधन किया गया है। अब विज्ञान और गृह विज्ञान की प्रयोगात्मक परीक्षा परिषद की ओर से अलग से कराई जाएगी और विद्यार्थियों को प्राप्त अंक अंकपत्र सह प्रमाण-पत्र में दर्ज किए जाएंगे।
पहले हाईस्कूल के सभी विषयों के प्रयोगात्मक कार्यों का मूल्यांकन संबंधित स्कूलों में ही किया जाता था। इसके लिए 5 प्वाइंट स्केल ग्रेडिंग प्रणाली लागू थी और विद्यार्थियों को प्राप्त ग्रेड अंकपत्र में दर्ज किए जाते थे।
हालांकि अन्य विषयों की व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है। विज्ञान और गृह विज्ञान को छोड़कर बाकी विषयों में प्रयोगात्मक कार्यों का आंतरिक मूल्यांकन स्कूल स्तर पर पहले की तरह 5 प्वाइंट स्केल ग्रेडिंग के आधार पर जारी रहेगा। नई व्यवस्था से दोनों विषयों के प्रैक्टिकल मूल्यांकन में बोर्ड की सीधी भूमिका बढ़ जाएगी।


