उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने प्रदेश के सभी माध्यमिक विद्यालयों में छात्रों, शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की 100 प्रतिशत दैनिक ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। यह व्यवस्था सरकारी, गैर-सरकारी सहायता प्राप्त और वित्तविहीन सभी माध्यमिक विद्यालयों पर लागू होगी। उपस्थिति परिषद के वेब पोर्टल या मोबाइल एप के माध्यम से दर्ज करनी होगी।
ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था की समीक्षा के दौरान सामने आया कि प्रदेश के 33 जिलों में 10 प्रतिशत या उससे कम विद्यालय ही नियमित रूप से ऑनलाइन हाजिरी दर्ज कर रहे थे। इनमें प्रयागराज, लखनऊ, आगरा, कानपुर नगर, गोरखपुर, अलीगढ़, सहारनपुर, गोंडा, मिर्जापुर, उन्नाव, आजमगढ़, जौनपुर, गाजीपुर, बलिया, देवरिया और बहराइच समेत कई जिले शामिल हैं।
यूपी बोर्ड ने इतनी कम ऑनलाइन उपस्थिति को परिषद के निर्देशों की अनदेखी और निगरानी व्यवस्था में ढिलाई के संकेत के रूप में लिया है। संबंधित जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षकों को अर्ध-सरकारी पत्र जारी कर व्यवस्था में तत्काल सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बोर्ड ने जिला विद्यालय निरीक्षकों को छह दिनों के भीतर अपने जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों में छात्रों, शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की 100 प्रतिशत ऑनलाइन उपस्थिति सुनिश्चित कराने को कहा है। इसके साथ ही विद्यालयवार पंजीकरण और नियमित उपस्थिति दर्ज होने की निगरानी भी तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
नई व्यवस्था के तहत स्कूलों को हर कार्यदिवस विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति भी ऑनलाइन दर्ज करनी होगी। बोर्ड के सख्त रुख के बाद संबंधित जिलों में डिजिटल उपस्थिति व्यवस्था के अनुपालन और निगरानी को लेकर जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है।


