भारत सरकार के स्किल इंडिया मिशन के तहत युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कौशल, पुनः कौशल और उन्नत कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण के अनुसार, 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों की श्रम बल भागीदारी दर 2024 में 59.6 प्रतिशत से घटकर 2025 में 59.3 प्रतिशत रही। ऐसे में रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए कौशल प्रशिक्षण की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है।
कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, जन शिक्षण संस्थान, राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रोत्साहन योजना और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से प्रशिक्षण उपलब्ध करा रहा है। 30 जून 2026 तक PMKVY के तहत 1.65 करोड़, JSS में 36.58 लाख, NAPS में 52.98 लाख और CTS-ITI के तहत 1.07 करोड़ से अधिक उम्मीदवार प्रशिक्षित या नामांकित हुए।
उद्योगों की मांग के अनुरूप 10,209 योग्यताओं को मंजूरी दी गई है, जिनमें 2,975 सक्रिय हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रमों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी, 5जी, साइबर सुरक्षा और इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसे आधुनिक कौशल शामिल किए गए हैं।
स्वास्थ्य और पैरामेडिकल क्षेत्र में वर्ष 2023-24 से जून 2026 तक देशभर में 2,08,653 उम्मीदवार प्रशिक्षित हुए। इनमें PMKVY के तहत 1,20,588, NAPS में 31,491, JSS में 7,712 और CTS में 48,862 उम्मीदवार शामिल हैं। केरल में कुल 3,844 युवाओं को प्रशिक्षण मिला।
PMKVY 4.0 में इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन, जनरल ड्यूटी असिस्टेंट, वृद्धजन देखभाल सहायक, योग प्रशिक्षक और जेनेटिक काउंसलर जैसे पाठ्यक्रम चलाए जा रहे हैं। सरकार ने 1.5 लाख केयरगिविंग पेशेवर तैयार करने का लक्ष्य रखा है। साथ ही, सात स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटरों के माध्यम से जापान और इजरायल जैसे देशों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।


