भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बीएचयू, वाराणसी ने विज्ञान, इंजीनियरिंग और अंतरविषयी विभागों में असिस्टेंट प्रोफेसर (ग्रेड-1 और ग्रेड-2) पदों पर विशेष भर्ती अभियान शुरू किया है। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 10 जुलाई 2026 से शुरू हो गई है और इच्छुक उम्मीदवार 31 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। यह भर्ती विशेष रूप से अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और दिव्यांग (PwD) श्रेणी के भारतीय नागरिकों के लिए आयोजित की जा रही है।
संस्थान ने बताया है कि भर्ती आर्किटेक्चर, प्लानिंग एंड डिजाइन, सिरेमिक इंजीनियरिंग, केमिकल इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, सिविल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग, माइनिंग इंजीनियरिंग, फार्मास्यूटिकल इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, मैथमेटिकल साइंसेज तथा एनसी जैन स्कूल ऑफ डिसीजन साइंसेज एंड इंजीनियरिंग सहित कई विभागों में की जाएगी। हालांकि विभागवार रिक्तियों की संख्या फिलहाल जारी नहीं की गई है। आर्किटेक्चर, प्लानिंग एंड डिजाइन विभाग के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास काउंसिल ऑफ आर्किटेक्चर (COA) का वैध पंजीकरण प्रमाणपत्र होना अनिवार्य होगा।
सभी पदों के लिए संबंधित विषय में पीएचडी डिग्री और अच्छा शैक्षणिक रिकॉर्ड अनिवार्य है। असिस्टेंट प्रोफेसर ग्रेड-1 के लिए पीएचडी के बाद कम से कम तीन वर्ष का शिक्षण, शोध या औद्योगिक अनुभव आवश्यक होगा, जबकि ग्रेड-2 उन उम्मीदवारों के लिए है जिनके पास अभी तीन वर्ष का अनुभव नहीं है। ऐसे उम्मीदवारों की नियुक्ति संविदा के आधार पर की जा सकती है और निर्धारित अनुभव पूरा होने पर उन्हें ग्रेड-1 में पदोन्नति का अवसर मिलेगा।
संस्थान ने उम्मीदवारों के लिए अधिकतम वांछित आयु 35 वर्ष निर्धारित की है। हालांकि आरक्षित वर्गों के अभ्यर्थियों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट मिलेगी।
चयनित उम्मीदवारों को सातवें वेतन आयोग के तहत आकर्षक वेतन मिलेगा। असिस्टेंट प्रोफेसर ग्रेड-2 के लिए लेवल-10 पर 70,900 रुपये और लेवल-11 पर 73,100 रुपये का प्रारंभिक वेतन निर्धारित किया गया है, जबकि असिस्टेंट प्रोफेसर ग्रेड-1 के लिए लेवल-12 के तहत 1,01,500 रुपये प्रारंभिक वेतन मिलेगा। इसके अलावा मकान किराया भत्ता (HRA), चिकित्सा सुविधा, एलटीसी, बच्चों के लिए शिक्षा भत्ता, राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS), टेलीफोन बिल प्रतिपूर्ति, शोध कार्य शुरू करने के लिए 10 लाख रुपये तक का अनुदान और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भाग लेने के लिए आर्थिक सहायता जैसी सुविधाएं भी दी जाएंगी।
इस भर्ती प्रक्रिया में कोई लिखित परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। पहले आवेदनों की जांच कर योग्य उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। इसके बाद चयनित अभ्यर्थियों को प्रस्तुति के लिए बुलाया जा सकता है और अंतिम चयन इंटरव्यू के आधार पर होगा। नियमित नियुक्ति पाने वाले उम्मीदवारों पर एक वर्ष की परिवीक्षा अवधि भी लागू रहेगी।


