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आज से देश में VB-G RAM G लागू, 100 की जगह 125 दिन रोजगार की गारंटी

नई व्यवस्था के तहत अब पात्र ग्रामीण परिवारों को 100 दिन के बजाय 125 दिनों तक मजदूरी आधारित रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी

Published: 13:53pm, 01 Jul 2026

केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025’ यानी वीबी-जी राम जी एक्ट को 1 जुलाई से लागू कर दिया है। इसके साथ ही सरकार ने ग्रामीण मजदूरी दरों में बढ़ोतरी की घोषणा की है, जिसके तहत देश में औसत दैनिक मजदूरी 298.8 रुपये से बढ़कर 327.4 रुपये हो गई है। सरकार के अनुसार यह बदलाव लगभग 28.6 रुपये प्रतिदिन की वृद्धि दर्शाता है और नई दरें 34 राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और विभिन्न मजदूरी क्षेत्रों में लागू हो चुकी हैं।

125 दिन रोजगार की कानूनी गारंटी

नई व्यवस्था के तहत अब पात्र ग्रामीण परिवारों को 100 दिन के बजाय 125 दिनों तक मजदूरी आधारित रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी। इसे मनरेगा व्यवस्था के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सुरक्षा को और मजबूत करना है।

न्यूनतम मजदूरी 300 रुपये तय

सरकार ने इस योजना में न्यूनतम दैनिक मजदूरी 300 रुपये निर्धारित की है, जिससे किसी भी राज्य में मजदूरी इससे कम नहीं होगी। अधिकारियों के अनुसार इस फैसले से औसतन 10 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है, जिससे ग्रामीण श्रमिकों की आय में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

राज्यों में अलग-अलग मजदूरी वृद्धि

नई अधिसूचना के तहत विभिन्न राज्यों में मजदूरी दरों में अलग-अलग वृद्धि दर्ज की गई है। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों में 15 प्रतिशत से 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है, जबकि अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में सबसे अधिक करीब 24.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। वहीं कुछ राज्यों में मजदूरी सीधे 300 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है।

कुछ राज्यों में नई दैनिक मजदूरी

हरियाणा में नई दर 409 रुपये प्रतिदिन, गोवा में 406 रुपये प्रतिदिन, केरल में 401 रुपये प्रतिदिन और सिक्किम के ऊंचाई वाले ग्राम पंचायत क्षेत्रों में 450 रुपये प्रतिदिन निर्धारित की गई है।

बजट और सरकारी प्रावधान

सरकार ने इस नई व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 95,692.31 करोड़ रुपये की अंतरिम राशि जारी की है ताकि मजदूरी भुगतान और विकास कार्यों में किसी तरह की रुकावट न आए।

केंद्रीय मंत्री का बयान

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा है कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र ग्रामीण मजदूर रोजगार से वंचित न रहे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।

YuvaSahakar Desk