Trending News

राष्ट्रपति ने कई राज्यों में नए राज्यपाल नियुक्त किए, ओम प्रकाश माथुर को केरलम, राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को तमिलनाडु, ब्रज मोहन राम को ओडिशा, डॉ. सुधा यादव को कर्नाटक, डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड और दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाया गया IMF का अनुमान, 2026-2027 में 7% रहेगी भारत की GDP ग्रोथ UPI पेमेंट पर चार्ज को लेकर सरकार का बड़ा फैसला, दिवाली के बाद लगेगी ₹2000 से ज्यादा पेमेंट पर फीस भारतीय क्रिकेटर स्मृति मंधाना यूनिसेफ इंडिया की सेलिब्रिटी एडवोकेट बनीं डॉ. अच्युत सामंत बने इंडियन यूनिस्पोर्ट फेडरेशन के पहले अध्यक्ष राष्ट्रपति ने कई राज्यों में नए राज्यपाल नियुक्त किए, ओम प्रकाश माथुर को केरलम, राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को तमिलनाडु, ब्रज मोहन राम को ओडिशा, डॉ. सुधा यादव को कर्नाटक, डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड और दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाया गया IMF का अनुमान, 2026-2027 में 7% रहेगी भारत की GDP ग्रोथ UPI पेमेंट पर चार्ज को लेकर सरकार का बड़ा फैसला, दिवाली के बाद लगेगी ₹2000 से ज्यादा पेमेंट पर फीस भारतीय क्रिकेटर स्मृति मंधाना यूनिसेफ इंडिया की सेलिब्रिटी एडवोकेट बनीं डॉ. अच्युत सामंत बने इंडियन यूनिस्पोर्ट फेडरेशन के पहले अध्यक्ष

जलवायु संकट का असर बच्चों के स्वास्थ्य पर, बिहार सबसे संवेदनशील राज्य

रिपोर्ट के अनुसार बिहार देश का सबसे अधिक जलवायु-संवेदनशील राज्य है, जिसका जोखिम सूचकांक 0.836 दर्ज किया गया है

Published: 10:34am, 24 Jun 2026

जलवायु परिवर्तन का असर अब केवल मौसम तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह बच्चों के स्वास्थ्य और विकास पर भी गंभीर प्रभाव डाल रहा है। यूनिसेफ इंडिया और आईएफपीआरआई की संयुक्त रिपोर्ट “भारत में बढ़ती गर्मी और पोषण पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव” के अनुसार, बढ़ती गर्मी के कारण बच्चों में ठिगनापन (स्टंटिंग) का खतरा 15 प्रतिशत तक बढ़ सकता है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि सामान्य से कम मानसून और अत्यधिक गर्मी बच्चों के पोषण स्तर को प्रभावित कर रही है। विशेष रूप से जलवायु-संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों में स्टंटिंग की दर 44.6 प्रतिशत तक दर्ज की गई है, जबकि कम संवेदनशील क्षेत्रों में यह 29.6 प्रतिशत है। यानी जोखिम वाले क्षेत्रों में बच्चों के ठिगनेपन का खतरा लगभग 15 प्रतिशत अधिक है।

रिपोर्ट के अनुसार बिहार देश का सबसे अधिक जलवायु-संवेदनशील राज्य है, जिसका जोखिम सूचकांक 0.836 दर्ज किया गया है। इसके बाद उत्तर प्रदेश (0.834), झारखंड (0.829), छत्तीसगढ़ (0.827) और मध्य प्रदेश (0.816) का स्थान है। वहीं ओडिशा (0.810), महाराष्ट्र (0.804), हरियाणा (0.783) और पंजाब (0.765) भी संवेदनशील राज्यों में शामिल हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि गर्भावस्था के अंतिम महीनों में अत्यधिक गर्मी मां और शिशु दोनों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। रिपोर्ट में स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और स्वच्छ जल की उपलब्धता को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया है, ताकि जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम किया जा सके।

YuvaSahakar Desk