Trending News

 चंद्रमा से मिट्टी लेकर धरती पर लौटेगा भारत, इसरो ने चंद्रयान-4 के लिए तलाशी लैंडिंग साइट, चंद्रमा के साउथ पोल पर मॉन्स माउटन पहाड़ पर उतरेगा चंद्रयान-4, 2027 तक लॉन्च किए जाने की योजना         परीक्षा पे चर्चा: PM मोदी बोले- AI से डरने की नहीं बल्कि समझने की जरूरत, छात्रों के लिए इंस्पिरेशन के साथ अनुशासन भी आवश्यक, 2047 में भारत विकसित देश होगा         दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में भारत टैक्सी और डीटीटीडीसी के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर       

बिहार में डेयरी सेक्टर को मिलेगा नया विस्तार, हर गांव में बनेगी दुग्ध समिति

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घोषणा की है कि अगले दो वर्षों में राज्य के हर गांव में दुग्ध उत्पादन समिति और हर पंचायत में सुधा दुग्ध बिक्री केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इससे पशुपालकों को उचित मूल्य मिलेगा, बिचौलियों की भूमिका कम होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। यह योजना 'सात निश्चय-3' का हिस्सा है, जो महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता प्रदान करेगी।

Published: 15:42pm, 09 Feb 2026

बिहार सरकार ने राज्य में डेयरी सेक्टर को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाने के लिए दूरगामी और क्रांतिकारी निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घोषणा की है कि अगले दो वर्षों के भीतर राज्य के सभी 39,073 गांवों में दुग्ध उत्पादन समितियाँ गठित की जाएँगी तथा प्रत्येक पंचायत में सुधा दुग्ध बिक्री केंद्र स्थापित किए जाएँगे। यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने, पशुपालकों को सशक्त करने और डेयरी उद्योग को संगठित रूप प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

राज्य में वर्तमान में 25,593 गांवों में दुग्ध उत्पादन समितियाँ कार्यरत हैं। शेष 13,480 गांवों को शीघ्र ही डेयरी नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग को इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने शनिवार को अपने सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से इस महत्वाकांक्षी योजना की जानकारी साझा करते हुए कहा कि इससे दूध उत्पादकों को बिचौलियों के चंगुल से मुक्ति मिलेगी, पारदर्शी मूल्य निर्धारण सुनिश्चित होगा तथा दूध की बर्बादी पर पूर्ण रोक लगेगी। ग्रामीण स्तर पर संग्रह व्यवस्था मजबूत होने से उत्पादन में वृद्धि होगी, जिसका सीधा लाभ पोषण स्तर, रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा।

महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर

पंचायत स्तर पर स्थापित होने वाले सुधा दुग्ध बिक्री केंद्रों का संचालन जीविका दीदियों को प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से जुड़ी महिलाओं को इन केंद्रों से जोड़कर ग्रामीण क्षेत्रों में महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे महिलाएँ अपने गाँव-पंचायत में ही स्थायी आय अर्जित कर सकेंगी तथा आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेंगी। यह कदम न केवल डेयरी व्यवसाय को गति प्रदान करेगा, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए नया रोजगार अवसर सृजित करेगा।

मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने स्पष्ट किया कि यह योजना ‘सात निश्चय-3’ की परिकल्पना का अभिन्न अंग है, जो कृषि प्रगति, ग्रामीण समृद्धि और समग्र विकास पर केंद्रित है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए पर्याप्त प्रावधान सुनिश्चित किया गया है। सरकार का दृढ़ संकल्प है कि डेयरी को उद्योग का पूर्ण दर्जा देकर बिहार के गाँवों को आय का नया इंजन बनाया जाए। यदि यह योजना निर्धारित समयबद्धता के साथ कार्यान्वित होती है, तो बिहार का डेयरी सेक्टर राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनकर ग्रामीण विकास की मजबूत नींव रखेगा।

पशुपालक भाई-बहनों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “यह केवल योजना नहीं, बल्कि आपके सपनों को साकार करने का माध्यम है। बिहार सरकार आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ेगी।” यह निर्णय बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो राज्य के समग्र विकास को नई गति प्रदान करेगा।

YuvaSahakar Desk