“सहकार से समृद्धि” के विजन के अनुरूप राष्ट्रीय स्तर समन्वय समिति (एनएलसीसी) की दूसरी बैठक बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष कुमार भुटानी ने की।
उच्चस्तरीय बैठक में देश के सभी पंचायतों और गांवों में 2 लाख नई बहुउद्देश्यीय प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (एमपैक्स), दुग्ध सहकारी समितियों (डीसीएस) और मत्स्य सहकारी समितियों (एफसीएस) के गठन और सशक्तीकरण की प्रक्रिया को तेज करने पर विशेष जोर दिया गया। चर्चा में इस महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय पहल के समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता झलकी।
बैठक के दौरान राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड), राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) और राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (एनएफडीबी) ने अब तक की प्रगति पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। संबंधित एजेंसियों ने परियोजना के क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति, निर्धारित समयसीमा और सौंपे गए दायित्वों की जानकारी भी साझा की।
पिछली बैठक में मंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों पर तैयार की गई कार्यान्वयन रिपोर्ट (एक्शन टेकन रिपोर्ट) प्रस्तुत की गई और आगे की रणनीति पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ, ताकि कार्यान्वयन तंत्र को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।
बैठक में सहकारिता मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव पंकज कुमार बंसल और संयुक्त सचिव सिद्धार्थ जैन सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा नाबार्ड के अध्यक्ष शाजी के. वी. भी बैठक में शामिल हुए।
एनएलसीसी के सदस्य एवं मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहे। जबकि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहकारी समितियों के निबंधक (आरसीएस) और वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।


