केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई यानी PM-SETU योजना के तहत महाराष्ट्र, ओडिशा और जम्मू-कश्मीर के पांच औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) क्लस्टरों के लिए ₹1,194.92 करोड़ के निवेश को मंजूरी दी है। यह निर्णय कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय की सचिव देबाश्री मुखर्जी की अध्यक्षता में हुई छठी राष्ट्रीय संचालन समिति की बैठक में लिया गया।
नई मंजूरियों के साथ PM-SETU के तहत अब तक स्वीकृत कुल निवेश ₹3,687 करोड़ पहुंच गया है। योजना का उद्देश्य आईटीआई को आधुनिक, उद्योग-उन्मुख और रोजगार की नई जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण संस्थानों में बदलना है।
ओडिशा के कटक ITI क्लस्टर के लिए टाटा स्टील फाउंडेशन के सहयोग से ₹240.50 करोड़ की योजना मंजूर की गई है। महाराष्ट्र के पुणे ITI क्लस्टर के लिए BVG India और BVG Foundation के साथ ₹241 करोड़ तथा छत्रपति संभाजीनगर क्लस्टर के लिए Belrise Industries के सहयोग से ₹238.01 करोड़ का निवेश स्वीकृत हुआ है।
जम्मू-कश्मीर में जम्मू ITI क्लस्टर के लिए Eagle Infra India के साथ ₹240 करोड़ और श्रीनगर ITI क्लस्टर के लिए Inderdeep Infra India के सहयोग से ₹235.41 करोड़ की परियोजना को मंजूरी दी गई है।
इन परियोजनाओं के तहत आईटीआई के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाया जाएगा, नई तकनीक और उद्योग की मांग के अनुरूप पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे तथा प्रशिक्षकों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। उद्योगों के साथ संस्थानों की भागीदारी भी मजबूत की जाएगी ताकि विद्यार्थियों को बेहतर रोजगार अवसर मिल सकें।
समिति ने ITI क्लस्टरों को ISO प्रमाणन हासिल करने तथा कम से कम एक WorldSkills-अनुरूप ट्रेड या कौशल क्षेत्र शामिल करने के लिए भी प्रोत्साहित किया। अक्टूबर 2026 तक PM-SETU के ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स कार्यक्रम के तहत 3,744 प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।


