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महिला हॉकी विश्व कप में हर मैच में हमें अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाना होगा: मराइन

ड्रॉ की बजाय यह अहम होगा कि हम कैसा खेलते हैं, हम एक बड़े जिगरे वाली, हालात के मुताबिक ढालने वाली मजबूत टीम बनना चाहते हैं

हरेन्द्र सिंह के अपने पद से इस्तीफा देने के बाद नए चीफ कोच शुएर्ड मराइन ने अपने मार्गदर्शन भारतीय टीम के हॉकी विश्व कप क्वॉलिफायर, तेलंगना (हैदराबाद) में दूसरे स्थान पर रह कर एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप के लिए क्वॉलिफाई करने पर राहत की सांस ली। भारतीय महिला हॉकी टीम के चीफ कोच शुएर्ड मराइन ने मंगलवार रात एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप 2026 के निकाले गए ड्रॉ की बाबत कहा, ‘भारत के पूल डी में इंग्लैंड शीर्ष वरीयता प्राप्त चीन और दक्षिण अफ्रीका की मजबूत टीमें हैं। चीन पूल में सबसे उंची चौथी वरीयता प्राप्त टीम है जबकि इंग्लैंड एफआईएच महिला हॉकी रैंकिंग में छठे, भारत नौवें और दक्षिण अफ्रीका 19 वें नंबर पर है। महिला हॉकी विश्व कप में भारत के पूल डी में  सभी चारों टीमें बेहद अलग अलग शैली से खेलती हैं। ऐसे में भारतीय टीम के सामने रोचक चुनौती होगी।’

भारत के चीफ कोच शुएर्मराइन ने भरोसा जताया कि उनकी टीम लगातार अपनी हॉकी शैली का प्रदर्शन कर सकती है। मराइन ने कहा, ‘हमारा महिला हॉकी विश्व कप का पूल खासा प्रतिस्पर्द्धी और संतुलित है। हमारे पूल में अलग अलग शैली खेलने वाली अनुभवी चीन और इंग्लैंड की टीमें हैं जबकि दक्षिण अफ्रीका की टीम उसका दिन रहा तो खासी खतरनाक और उलटफेर कर सकती है। हमारे लिए ड्रॉ की बजाय यह अहम होगा कि हम कैसा खेलते हैं। विश्व कप में हर मैच में हमें अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाना होगा । हम हर प्रतिद्वंद्वी टीम का सम्मान करते हैं, पर हमारा ध्यान पूरे निरंतरता और जीवट के साथ अपनी शैली की हॉकी खेलने पर है।’

भारत हाल ही में महिला हॉकी विश्व कप क्वॉलिफायर्स, हैदराबाद, तेलंगाना के फाइनल में इंग्लैंड से 0-2 से हार गया था। फाइनल हारने के बावजूद भारतीय टीम ने टूर्नामेंट में दूसरी सबसे ज्यादा 11 गोल करने वाली टीम रही ही और इसमें भी उसने छह पेनल्टी कॉर्नर पर किए। महिला हॉकी क्वॉलिफायर्स की बाबत मराइन ने कहा, ‘मैंने टीम को बराबर अपना खेल निरंतर बेहतर करने के साथ सधा हुआ खेलने का कहा। हमें लंबे समय कुछ तैयारी कर रहे हैं। हम एक बड़े जिगरे वाली, खुद को हालात के मुताबिक ढालने वाली मजबूत टीम बनना चाहते हैं। महिला हॉकी विश्व कप के लिए क्वॉलिफाई करना एक कदम था लेकिन हमारा लक्ष्य और अधिक हासिल करना है। हम सही दिशा में पहला कदम बढ़ा लिया है। हम यदि कामयाब होना चाहते हैं तो हमें अभी और बहुत कुछ करना है। हमें अभी अमेरिका और अर्जेंटीना अका दौरा करना है , न्यूजीलैंड में नेशंस कप में खेलना है और जमर्नी में अभ्यास मैच खेलने हैं। हम नीदरलैंड में भी कुछ मैच खेलेगे। हमारे पास इन तय मैचों के साथ टीम के शिविरों से विश्व कप और एशियाई खेलों के लिए तैयार होने के लिए मैचों और प्रशिक्षण का एक बहुत अच्छा मौका होगा।’

YuvaSahakar Desk