वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026–27 में युवाओं को देश की विकास यात्रा के केंद्र में रखा गया है। इस बजट को स्वयं वित्त मंत्री ने एक “युवा शक्ति-प्रेरित बजट” बताया है, जिसमें रोज़गार सृजन, कौशल विकास और सेवा क्षेत्रों को मज़बूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
यह बजट विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप शिक्षा से रोज़गार तक की मज़बूत कड़ी बनाने का प्रयास करता है, ताकि भारत की युवा आबादी देश की आर्थिक ताकत बन सके।
युवाओं के लिए रोज़गार पर केंद्रित दृष्टिकोण
बजट में युवाओं की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण घोषणा की गई है। सरकार “शिक्षा से रोज़गार और उद्यम” पर एक उच्च-स्तरीय स्थायी समिति का गठन करेगी। यह समिति सेवा क्षेत्र को रोज़गार और निर्यात का मुख्य इंजन बनाने के लिए सुझाव देगी।
समिति यह भी अध्ययन करेगी कि आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी नई तकनीकें नौकरियों और कौशल आवश्यकताओं को कैसे बदल रही हैं, ताकि युवा भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रह सकें।
कौशल विकास (Kaushal Vikas) को मज़बूत आधार
कौशल विकास इस बजट का एक प्रमुख स्तंभ है, विशेष रूप से स्वास्थ्य क्षेत्र में। सरकार एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स (AHPs) के लिए नए संस्थान स्थापित करेगी और मौजूदा संस्थानों को अपग्रेड करेगी। इसके माध्यम से अगले पाँच वर्षों में एक लाख नए प्रशिक्षित स्वास्थ्य पेशेवर तैयार किए जाएंगे।
साथ ही, एक मजबूत केयर इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा। इसके तहत केवल एक वर्ष में 1.5 लाख केयरगिवर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा, जिनमें बुज़ुर्गों की देखभाल, वेलनेस, योग और मेडिकल उपकरण संचालन जैसे कौशल शामिल होंगे। यह योजना युवाओं और महिलाओं के लिए सम्मानजनक रोज़गार के नए अवसर खोलेगी।
रचनात्मक क्षेत्रों में भी युवाओं के लिए अवसर बढ़ाए गए हैं। एनीमेशन, विज़ुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (AVGC) सेक्टर में 2030 तक 20 लाख पेशेवरों की ज़रूरत होगी। इसे देखते हुए 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित की जाएंगी।
मेडिकल टूरिज़्म: रोज़गार का नया इंजन
बजट 2026–27 में मेडिकल वैल्यू टूरिज़्म को एक बड़े रोज़गार सृजन क्षेत्र के रूप में विकसित करने की घोषणा की गई है। सरकार राज्यों के सहयोग से पाँच क्षेत्रीय मेडिकल हब स्थापित करेगी।
ये मेडिकल हब आधुनिक अस्पतालों, मेडिकल शिक्षा, रिसर्च, डायग्नॉस्टिक्स, रिहैबिलिटेशन और AYUSH सेवाओं को एक ही परिसर में जोड़ेंगे। इससे डॉक्टरों, नर्सों, टेक्नीशियनों, केयरगिवर्स और हेल्थ-टूरिज़्म से जुड़े अन्य पेशों में बड़े पैमाने पर रोज़गार पैदा होगा।
पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी से स्थानीय रोज़गार
पर्यटन क्षेत्र को भी रोज़गार सृजन का बड़ा माध्यम माना गया है। सरकार नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी की स्थापना करेगी, जिससे युवाओं को होटल और पर्यटन उद्योग के लिए बेहतर प्रशिक्षण मिलेगा।
इसके अलावा, देश के 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 10,000 टूरिस्ट गाइड्स को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
एक नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड भी बनाया जाएगा, जिससे शोधकर्ताओं, कंटेंट क्रिएटर्स और टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स के लिए नए रोज़गार अवसर पैदा होंगे।


