Trending News

जंक फूड पर चेतावनी लेबल को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र को 2 हफ्ते का अल्टीमेटम नीट पीजी 2026 परीक्षा 30 अगस्त को सुबह 9 से दोपहर 12:20 बजे तक CBT मोड में होगी नेपाल बाढ़ में 800 विदेशियों समेत लगभग 1500 लोग लापता, राहत और बचाव कार्य जारी UPTET 2026 रिजल्ट जारी, प्राथमिक के 93 हजार और उच्च प्राथमिक के 1.13 लाख अभ्यर्थी पास राष्ट्रपति मुर्मू टीचर्स डे पर 48 शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान करेंगी जंक फूड पर चेतावनी लेबल को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र को 2 हफ्ते का अल्टीमेटम नीट पीजी 2026 परीक्षा 30 अगस्त को सुबह 9 से दोपहर 12:20 बजे तक CBT मोड में होगी नेपाल बाढ़ में 800 विदेशियों समेत लगभग 1500 लोग लापता, राहत और बचाव कार्य जारी UPTET 2026 रिजल्ट जारी, प्राथमिक के 93 हजार और उच्च प्राथमिक के 1.13 लाख अभ्यर्थी पास राष्ट्रपति मुर्मू टीचर्स डे पर 48 शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान करेंगी

देश में कम हुई बेरोजगारी, 4.9% पर आई बेरोजगारी दर

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी ताजा पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) के आंकड़ों के अनुसार, फरवरी 2026 में देश की बेरोजगारी दर घटकर 4.9% रह गई है। रिपोर्ट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती और श्रम बल में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को प्रमुखता से रेखांकित किया गया है।

Published: 16:25pm, 17 Mar 2026

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा सोमवार को जारी पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, देश में बेरोजगारी दर में सुधार दर्ज किया गया है। फरवरी 2026 में बेरोजगारी दर घटकर 4.9 प्रतिशत हो गई है, जो जनवरी 2026 में 5 प्रतिशत थी। यह सर्वेक्षण व्यापक स्तर पर आयोजित किया गया था, जिसमें देश भर के लगभग 3.75 लाख उत्तरदाताओं से प्राप्त डेटा का विश्लेषण किया गया है।

ग्रामीण क्षेत्र में स्थिरता और मौसमी रिकवरी

विश्लेषण से पता चलता है कि ग्रामीण भारत में रोजगार की स्थिति विशेष रूप से स्थिर बनी हुई है। फरवरी माह में ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर 4.2 प्रतिशत पर दर्ज की गई, जो पिछले महीने के समान ही है। उल्लेखनीय है कि दिसंबर 2025 में बेरोजगारी दर 4.8 प्रतिशत थी, जो जनवरी में मौसमी कारकों और फसल कटाई के बाद के अंतराल के कारण बढ़कर 5 प्रतिशत हो गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि फरवरी के आंकड़े दर्शाते हैं कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था अब मौसमी उतार-चढ़ाव से उबरकर पुनः पटरी पर लौट आई है।

महिला श्रम बल भागीदारी में ऐतिहासिक वृद्धि

इस रिपोर्ट का सबसे महत्वपूर्ण पहलू ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक सक्रियता है। आंकड़ों के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाओं की ‘श्रम बल भागीदारी दर’ (LFPR) में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। जनवरी में यह दर 39.7 प्रतिशत थी, जो फरवरी में बढ़कर 40.0 प्रतिशत हो गई है। यह बदलाव इंगित करता है कि ग्रामीण महिलाएं अब पारंपरिक घरेलू भूमिकाओं से बाहर निकलकर औपचारिक और अनौपचारिक श्रम बाजार में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं।

राष्ट्रीय स्तर पर भी महिलाओं की बेरोजगारी दर में भारी गिरावट देखी गई है। जनवरी में महिलाओं की बेरोजगारी दर जहाँ 5.6 प्रतिशत थी, वहीं फरवरी में यह गिरकर 5.1 प्रतिशत पर आ गई है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक शुभ संकेत है।

कार्यबल के अन्य प्रमुख सूचकांक

ग्रामीण क्षेत्रों में कुल श्रम बल भागीदारी दर फरवरी 2026 में 58.7 प्रतिशत रही है, जो रोजगार के प्रति निरंतर स्थिरता को दर्शाती है। वहीं, वर्कर पॉपुलेशन रेशियो, जो कुल आबादी में कार्यरत व्यक्तियों का अनुपात दर्शाता है, फरवरी में 56.3 प्रतिशत दर्ज किया गया है।

YuvaSahakar Desk