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त्रिपुरा में दो दिवसीय पंचायत राज क्षमता निर्माण कार्यक्रम संपन्न

इस कार्यक्रम का केंद्रबिंदु भारत सरकार की सहकारिता क्षेत्र को ग्रामीण सशक्तिकरण के साधन के रूप में बढ़ावा देने की दृष्टि थी, जो प्रधानमंत्री के आह्वान “सहकार से समृद्धि” और “विकसित भारत @2047” के लक्ष्य से जुड़ा हुआ है।

Published: 15:46pm, 08 Sep 2025

त्रिपुरा सरकार के ग्रामीण विकास (पंचायत) विभाग ने भारत इनिशिएटिव फाउंडेशन के सहयोग से 1-2 सितंबर 2025 को राजधानी अगरतला स्थित राज्य पंचायत संसाधन केंद्र में दो दिवसीय पंचायत राज क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन किया।

कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री प्रो. (डॉ.) माणिक साहा ने ग्रामीण विकास मंत्री की उपस्थिति में किया। इस अवसर पर NCUI के कार्यकारी निदेशक रितेश डे ने भाग लिया और 1 सितंबर को “स्थानीय आर्थिक प्रभाव हेतु प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) को मजबूत बनाना” विषय पर प्रमुख सत्र का संचालन किया।

इस कार्यक्रम का केंद्रबिंदु भारत सरकार की सहकारिता क्षेत्र को ग्रामीण सशक्तिकरण के साधन के रूप में बढ़ावा देने की दृष्टि थी, जो प्रधानमंत्री के आह्वान “सहकार से समृद्धि” और “विकसित भारत @2047” के लक्ष्य से जुड़ा हुआ है।

मुख्य विषयों में PACS की उत्पत्ति, कानूनी ढांचा, कार्य और उद्देश्यों के साथ-साथ ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण में उनकी भूमिका शामिल रही। आधुनिक पैक्स (mPACS) की अवधारणा प्रस्तुत की गई, जिसमें सफल उदाहरणों के माध्यम से यह बताया गया कि किस प्रकार व्यवसायिक गतिविधियों का विस्तार कर सदस्यों की आय बढ़ाई जा सकती है।

कार्यक्रम में ग्राम पंचायत और PACS के बीच सहयोग को गाँव स्तर पर आर्थिक विकास का प्रमुख चालक बताया गया। उल्लेखनीय है कि अब PACS को विभिन्न सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में भी अधिकृत किया गया है।

प्रतिभागियों को वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) पहल के अंतर्गत निर्यातोन्मुख उत्पादों से PACS को जोड़ने और बीज, ऑर्गेनिक तथा निर्यात के क्षेत्र में राष्ट्रीय बहुराज्यीय सहकारी समितियों से ने के अवसर तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

इसके साथ ही, NCUI द्वारा विकसित बिजनेस प्रमोशन एवं डाइवर्सिफिकेशन ऑफ PACS पर केंद्रित विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल का उपयोग करते हुए पंचायत सदस्यों, सचिवों, PACS बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स और सदस्यों के लिए संरचित उन्मुखीकरण और क्षमता निर्माण प्रशिक्षण की आवश्यकता पर बल दिया गया।

Diksha