आज साल 2025 का आख़िरी दिन है। मौसम के मिज़ाज की बात करें तो ठंड अपने चरम पर है। लोगों के भीतर नए साल का उत्साह साफ नजर आ रहा है। नौकरी-पेशा लोग भी चिल माहौल में काम करते दिख रहे हैं। हर किसी के मन में नए साल को लेकर उत्साह बना हुआ है—कोई नए साल की प्लानिंग कर रहा है तो कोई यह सोच रहा है कि परिवार को कहाँ ले जाया जाए।
आज सुबह की ठंड ने तो हाथों से लेकर नाक तक को सुन्न कर दिया। जब सड़क पर निकले तो रोजाना जैसी भीड़भाड़ नहीं थी। लगता है लोग पुराने साल को अलविदा कहने के लिए दिल्ली से बाहर जा चुके हैं। मेट्रो की भीड़भाड़ भी आज कुछ कम ही थी। ठंडे माहौल से मेट्रो में प्रवेश करते ही जो गर्माहट का एहसास होता है, ऐसा लगता है मानो कोई गर्मजोशी से आपका स्वागत कर रहा हो।
ऑफिस पहुँचे तो वहाँ भी नए साल के उपलक्ष्य में कई लोग छुट्टी मनाने निकल चुके थे। जो लोग मौजूद थे, वे एक-दूसरे से उत्साह के साथ पूछ रहे थे कि आज का क्या प्लान है। अख़बार भी पुराने साल को विदा करने और नए साल के स्वागत की ही बातें कर रहा था। एक न्यूज जर्नलिस्ट होने के नाते जब हमने खबरें खोजीं, तो हर जगह नए साल के आगमन की ही चर्चा थी। आज का एक ही स्लोगन था—नया साल आए, पुराना साल जाए।
और चूँकि हम नौकरी-पेशा लोग हैं, तो मन यही कह रहा था—नया साल आए और साथ में इंक्रीमेंट भी हो जाए। ट्वीटर पर खोज की तो अभी तक किसी नेता या अभिनेता ने पुराने साल को अलविदा और नए साल के आगमन में कोई पोस्ट नहीं की थी। युवा सहकार की ओर से आप सभी व्यूवर्स को नए साल की शुभकामनाएँ। नए साल पर आप सभी और बड़ी तादाद में हमारें साथ जुड़े यही कामना करते हैँ।


