इंडियन पोटाश लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ. पी. एस. गहलोत ने केंद्रीय बजट 2026–27 में कृषि क्षेत्र के लिए की गई प्रमुख घोषणाओं का स्वागत करते हुए उन्हें दूरदर्शी बताया है। उन्होंने कहा कि देश में फसल उत्पादन बढ़ाने के लिए कृषि यंत्रीकरण को बड़े पैमाने पर बढ़ाने और आधुनिक खेती पद्धतियों को अपनाने की आवश्यकता है।
डॉ. गहलोत ने बजट में प्रस्तावित भारत-VISTAAR पहल की विशेष रूप से सराहना की। यह एक बहुभाषी, एआई-सक्षम प्लेटफॉर्म होगा, जो एग्रीस्टैक पोर्टल्स और आईसीएआर (ICAR) के कृषि अभ्यास पैकेजों को एकीकृत करेगा। उन्होंने कहा कि इस पहल से प्रिसिजन फार्मिंग तकनीकों को विभिन्न क्षेत्रों और फसलों में तेजी से अपनाने में मदद मिलेगी, जिससे किसान पानी, उर्वरक और कृषि रसायनों का बेहतर उपयोग कर सकेंगे। इससे न केवल उत्पादकता बढ़ेगी, बल्कि पोषण स्तर में भी सुधार होगा।
उन्होंने पशुपालन क्षेत्र के लिए घोषित क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी प्रोग्राम की भी सराहना की। डॉ. गहलोत के अनुसार एकीकृत पशुधन मूल्य श्रृंखलाओं और किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) के गठन से ग्रामीण पशुपालकों को सशक्त बनाया जा सकेगा और स्थायी रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने कहा कि बजट में किए गए ये प्रावधान कृषि और संबद्ध क्षेत्रों को नई दिशा देंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेंगे।


