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VB- G RAM G से ग्रामीण रोजगार को नई दिशा, राज्यों को 17,000 करोड़ का लाभ: SBI रिपोर्ट

यह रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है जब ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर, मजदूरी संरचना और टिकाऊ आजीविका से संबंधित मुद्दों पर व्यापक चर्चा और समीक्षा चल रही है। केंद्र सरकार ने 20 वर्ष पुरानी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की जगह VB-G RAM-G को एक नए ढांचे, नई सोच और बेहतर क्रियान्वयन तंत्र के साथ लागू करने की दिशा में कार्य प्रारंभ किया है।

Published: 15:28pm, 05 Jan 2026

भारत सरकार द्वारा ग्रामीण रोजगार और आजीविका के सुदृढ़ीकरण के उद्देश्य से तैयार की जा रही नई योजना विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) VB-G RAM-G के संबंध में भारतीय स्टेट बैंक के रिसर्च विंग की एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट सामने आई है। SBI Research की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि नई योजना के लागू होने के बाद राज्यों को करीब 17,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिल सकता है। यह अनुमान पिछले सात वर्षों की औसत MGNREGA फंडिंग से तुलना के आधार पर लगाया गया है।

यह रिपोर्ट ऐसे समय आई है जब ग्रामीण भारत में रोजगार, मजदूरी और स्थायी आजीविका से जुड़े सवाल लगातार उठ रहे हैं। 20 साल पुरानी मनरेगा योजना की जगह लेने वाली यह नई पहल सरकार की रोजगार संरचना में व्यापक सुधार का संकेत दे रही है।

समानता और दक्षता पर आधारित नया ढांचा

SBI रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, VB-G RAM G योजना के तहत केंद्र और राज्यों के बीच फंड का वितरण अब “नॉर्मेटिव असेसमेंट”, यानी तय मानकों के आधार पर होगा। इसका अर्थ यह है कि फंड आबादी या राजनीतिक दबाव के बजाय वास्तविक जरूरतों, प्रदर्शन और परिणामों को ध्यान में रखकर दिया जाएगा।

इस ढांचे को दो प्रमुख सिद्धांतों समानता (Equity) और दक्षता (Efficiency) के आधार पर तैयार किया गया है। जिन राज्यों में ग्रामीण आबादी अधिक है, मजदूरी पर निर्भरता ज्यादा है और प्रशासनिक क्षेत्र बड़ा है, उन्हें पर्याप्त संसाधन प्रदान किए जाएंगे। वहीं, जो राज्य समय पर मजदूरी भुगतान और संसाधनों के प्रभावी उपयोग में बेहतर साबित होंगे, उन्हें अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा।

सात मानकों पर आकलन

रिपोर्ट में सात अलग-अलग पैमानों के आधार पर फंड वितरण का एक काल्पनिक लेकिन व्यावहारिक परिदृश्य तैयार किया गया। इन मानकों ने समानता और दक्षता के बीच संतुलन बनाया। विश्लेषण से पता चला कि अगर यह फॉर्मूला पिछले वर्षों में लागू होता, तो औसतन राज्यों को लगभग 17,000 करोड़ रुपये का फायदा होता। अधिकांश राज्यों को लाभ दिखाई दिया, जबकि केवल दो राज्यों को मामूली नुकसान का अनुमान लगा है।

केंद्र पर बढ़ेगा व्यय

यदि VB-G RAM G को पूरे देश में लागू किया जाता है, तो मजदूरी, सामग्री और प्रशासनिक लागत को मिलाकर सालाना कुल जरूरत करीब 1.51 लाख करोड़ रुपये होगी। इसमें से लगभग 95,692 करोड़ रुपये, यानी लगभग 63 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार वहन करेगी।

वित्त वर्ष 2025-26 में मनरेगा के लिए 86,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था। नई योजना को देखते हुए यह व्यय लगभग 11 प्रतिशत अधिक हो सकता है। यह स्पष्ट संकेत है कि केंद्र सरकार ग्रामीण रोजगार को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त वित्तीय प्रतिबद्धता निभाने को तैयार है।

रोजगार के अवसरों में संभावित वृद्धि

एसबीआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि VB-G RAM G के तहत कामों का दायरा बढ़ने से रोजगार के औसत दिन बढ़ सकते हैं। MGNREGA में वर्तमान में प्रति परिवार औसतन रोजगार के दिन 50.4 हैं, जो पहले 45.9 थे। रिपोर्ट का अनुमान है कि नई योजना के आने से यह संख्या और बढ़ेगी।

राज्यों की सक्रिय भागीदारी और सख्त दंड प्रणाली से काम की मांग और उपलब्धता के बीच जो लगभग 14 प्रतिशत का अंतर बना हुआ है, वह भी कम हो सकता है।

मजदूरी और भुगतान में सुधार की उम्मीद

मनरेगा की एक बड़ी कमजोरी हमेशा मजदूरी भुगतान में देरी और महंगाई के सापेक्ष धीमी वृद्धि रही है। इसके चलते मजदूरों की वास्तविक आय में स्थिरता नहीं बन पाई। रिपोर्ट में उम्मीद जताई गई है कि VB-G RAM G में भुगतान व्यवस्था अधिक पारदर्शी और डिजिटल रूप में होगी, जिससे मजदूरों की आय में स्थायित्व आएगा।

सुधार के साथ सावधानियाँ भी आवश्यक

हालांकि, विशेषज्ञों और शिक्षाविदों का एक वर्ग यह मानता है कि इस परिवर्तन से पहले स्थानीय स्तर पर रिसर्च और परामर्श ज़रूरी हैं। उनका तर्क है कि मनरेगा को पूरी तरह समाप्त करने की बजाय उसकी कमजोरियों को दूर करके उसे सशक्त बनाया जा सकता था।

सरकार का कहना है कि VB-G RAM G केवल एक “नई योजना” नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था के पुनरुत्थान का रोडमैप है। यदि इसे प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है, तो यह न केवल रोजगार सृजन बल्कि ग्रामीण उत्पादकता, कौशल विकास और टिकाऊ परिसंपत्ति निर्माण को भी बढ़ावा देगा।

YuvaSahakar Desk