पश्चिम बंगाल राज्य मत्स्यजीवी सहकारी महासंघ लिमिटेड (बेनफिश) ने राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) के कोलकाता क्षेत्रीय कार्यालय के सहयोग से एक कार्यशाला आयोजित की। इसमें प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत गठित मत्स्य किसान उत्पादक संगठनों (एफएफपीओ) की प्रगति और कामकाज की समीक्षा की गई।
कार्यशाला में एनसीडीसी के क्षेत्रीय निदेशक नीलांजन सिन्हा और बेनफिश की संयुक्त आरसीएस मोनिशा चक्रवर्ती ने हिस्सा लिया। बेनफिश, एनसीडीसी तथा पश्चिम बंगाल सरकार के अधिकारियों ने भी भाग लिया। चर्चा के दौरान एफएफपीओ के प्रदर्शन का आकलन करने और उनकी संस्थागत क्षमता मजबूत करने पर ध्यान दिया गया।
प्रतिभागियों को एनसीडीसी तथा केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के प्रति जागरूक करने पर भी चर्चा हुई। इस दौरान संगठनों को मजबूत बनाने और मत्स्य किसानों के सशक्तीकरण के लिए संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता रेखांकित की गई।
लेखा परीक्षण की पद्धतियों, वैधानिक अनुपालन और वित्तीय जवाबदेही पर एक विशेष सत्र आयोजित किया गया। इसमें पारदर्शी वित्तीय प्रबंधन तथा प्रभावी संचालन को एफएफपीओ की दीर्घकालिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण बताया गया। संगठनों के कामकाज में जवाबदेही बनाए रखने और संबंधित नियमों का पालन सुनिश्चित करने की अहमियत पर जोर दिया गया।
बैठक में बेनफिश के एपीएम स्वपन साहा और संदीप चतुर्वेदी, पश्चिम बंगाल सरकार के लेखा परीक्षक कुंतल चटर्जी तथा एनसीडीसी के सहायक निदेशक मोहम्मद फैसल सहित मत्स्य क्षेत्र से जुड़े अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। इस पहल का उद्देश्य संबंधित संस्थाओं के बीच समन्वय मजबूत करना, मत्स्य किसानों को सशक्त बनाना और टिकाऊ मत्स्य आधारित सहकारी उद्यमों के विकास को बढ़ावा देना रहा।


