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12 वर्षों में तीसरी बार अगस्त में रिकॉर्डतोड़ बारिश, किसानों के लिए चुनौती और राहत दोनों

बारिश का सीधा असर किसानों और फसलों पर भी देखा जा रहा है। सामान्य से अधिक वर्षा धान और गन्ने जैसी खरीफ फसलों के लिए लाभकारी साबित हो रही है क्योंकि इन फसलों को अधिक पानी की आवश्यकता होती है।

Published: 12:47pm, 26 Aug 2025

राजधानी समेत उत्तर भारत में इस बार अगस्त महीने में मानसून ने रिकॉर्डतोड़ बारिश दर्ज की है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले 12 वर्षों में यह तीसरी बार है जब अगस्त में सामान्य से कहीं अधिक बारिश दर्ज की गई है। इस साल अब तक सामान्य से 61% ज्यादा वर्षा हो चुकी है।

मौसम विभाग का कहना है कि जुलाई के 31 दिनों में से 29 दिन ऐसे रहे, जब किसी न किसी मात्रा में बारिश दर्ज की गई। वहीं अगस्त में अब तक 17 दिन लगातार बारिश हो चुकी है। पिछले साल के मुकाबले इस बार औसतन 390.3 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य आंकड़ा 233.3 मिमी है।

जनजीवन पर असर

लगातार भारी बारिश से दिल्ली और आसपास के इलाकों में जलभराव, जाम और जनजीवन प्रभावित हुआ है। एक तरफ जहां लोग बाढ़ जैसे हालात और ट्रैफिक की समस्या से जूझ रहे हैं, वहीं जब बारिश रुकती है तो उमस और भारी गर्मी परेशान करती है।

कृषि पर असर

बारिश का सीधा असर किसानों और फसलों पर भी देखा जा रहा है। सामान्य से अधिक वर्षा धान और गन्ने जैसी खरीफ फसलों के लिए लाभकारी साबित हो रही है क्योंकि इन फसलों को अधिक पानी की आवश्यकता होती है।

हालांकि, लगातार और भारी वर्षा से कई जगह धान की नर्सरी तथा सब्जियों की फसलें जलभराव के कारण खराब हो रही हैं। खेतों में पानी भरने से दालों और तिलहन की बुवाई प्रभावित हो सकती है। वहीं, ज्यादा नमी के कारण रोग और कीटों का प्रकोप भी बढ़ने की संभावना है।

Diksha