अब भारत के लिए केवल वन डे अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे धुरंधर बल्लेबाज विराट कोहली इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू (आरसीबी) के लिए पिछले लगातार 18 बरस से खेल रहे हैं। विराट कोहली आरसीबी को आईपीएल में पहला खिताब 2025 में 18 बरस के लंबे अंतराल के बाद ही जिता पाए। विराट कोहली 2025 में आरसीबी को पंजाब किंग्स पर आईपीएल फाइनल में हरा कर पहली खिताब जिताने पर कहते हैं, ‘ मैं आरसीबी के साथ पहले दिन से जुड़ा हूं और और रमेश माने (टीम मसाजर और केयरटेकर) भी। मैं और रमेश संभवत: आरसीबी के ग्रुप के सबसे पुराने सदस्यों में से हैं। आरसीबी का 2025 पहली बार आईपीएल खिताब जीतना हम सभी के लिए बेहद खास था। मेरे लिए यह पल आरसीबी के साथ मेरे 18 बरस के सफर की परिणति थी। हमारी टीम पूरे विश्वास के साथ फाइनल में उतरी। जब हम फाइनल में पहुंचे तो मैंने खुद बेहद शांत और आत्मविश्वास से सराबोर पाया था। इसके बावजूद हम यह बात भी बखूबी समझते थे कि फाइनल बहुत आसान तो कतई नहीं रहने वाला है। यह फाइनल है और एक और टीम भी है जिसने इस मुकाम तक तक पहुंचने के लिए बेहद अच्छा प्रदर्शन किया है। बेशक हमारी प्रतिद्वंद्वी टीम ने भी अपने फाइनल तक के सफर में कई बढ़िया टीमों को हराया और वह जो करना चाहती है उसके लिए पूरे आत्मविश्वास से सराबोर नजर आई। इससे पहले हमारी टीम कई बार खिताब जीतने के बेहद करीब पहुंच कर इसे अपने नाम करने से चूक गई थी। मुझे लगता है कि इससे हमें अपना धैर्य बरकरार रखने की अतिरिक्त प्रेरणा मिली। आईपीएल पहले से ज्यादा प्रतिस्पर्द्धी हो गई है और आईपीएल फाइनल में पहुंचने के लिए हमें वाकई बढ़िया क्रिकेट खेलनी पड़ी होगी। यह तुक्का कोई तुक्का नहीं है, न ही यह कोई संयोग है। हमने अपने सफर में कई बेहतरीन टीमों को हराया था और हमारी टीम वाकई एक शानदार टीम है, जिन्होंने वाकई इस मुकाम तक पहुंचने का हक हासिल किया था।’
विराट कोहली कहते हैं फाइनल के आखिरी क्षणों की बाबत सोच कर ही मैं भावुक हो जाता हूं। विराट कहते हैं, ‘ 2025 में आईपीएल खिताब जीतना हम सभी के लिए यादगार थी। सच तो मेरे लिए इस पर यकीन करना मुश्किल हो रहा था। 18 बरस की पूरी यात्रा तस्वीर की तरह मेरी आंखों के सामने निकल गई। सभी उतार -चढ़ाव , सभी अच्छे और बुरे क्षण। ऐसा लग रहा है मानों ये सब आपकी आंखों के सामने हो रहा है। इस सबको बयां करना बेहद मुश्किल है। यह सब बस अनुभव किया जा सकता है। यह ऐसा यादगार अनुभव है,जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। फाइनल में जब आखिर में हमें मैच जीतने के बेहद करीब थे तो मैं बस यही कामना कर रहा था कि जोश हेजलवुड नो बॉल नहीं करें। हम खासे आत्मविश्वास से भरे लेकिन इसके बावजूद हम एकदम सही नतीजे की आस कर रहे थे। यह जानते हुए भी कि फाइनल हमारी प्रतिद्वंद्वी पंजाब किग्स के हाथ से निकल चुका है और फिर उन आखिरी तीन गेंदों का इंतजार करना शायद उस रात का सबसे कठिन था।


