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सहकारिता, कृषि और मछली पालन से दूर हो रही गरीबी, बढ़ रहे रोजगारः अमित शाह

सहकारिता मंत्रालय ने देश भर में सहकारी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए 57 पहल की हैं। इनमें प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) के कंप्यूटरीकरण, तीन नई राष्ट्रीय सहकारी समितियों की स्थापना और त्रिभुवन सहकारी यूनिवर्सिटी की स्थापना शामिल है।

north zonal council meeting


Published: 12:07pm, 18 Nov 2025

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि सहकारिता, कृषि और मछली पालन गरीबी दूर करने और रोजगार प्रदान करने का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकते हैं। इनसे गरीबी दूर हो रही है और रोजगार बढ़ रहे हैं। ‘सहकार से समृद्धि’ के मंत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सहकारिता क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावना है। हरियाणा के फरीदाबाद में उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की 32वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने यह बात कही।

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का दृष्टिकोण है कि सशक्त राज्य ही सशक्त राष्ट्र का सृजन करते हैं। इसे जमीन पर उतारने में क्षेत्रीय परिषदों का बहुत महत्व है। संवाद, सहयोग, समन्वय और ‘पॉलिसी सिनर्जी’ के लिए क्षेत्रीय परिषदें बहुत महत्वपूर्ण हैं। इन परिषदों के माध्यम से कई प्रकार की समस्याओं को हल किया गया है। सहकारिता को विकसित भारत का आधार बताते हुए उन्होंने कहा कि सकल घरेलू उत्पाद के साथ रोजगार, खासकर स्वरोजगार में वृद्धि से ही विकसित भारत के स्वप्न को साकार कर सकते हैं। सिर्फ जीडीपी देश की समृद्धि का परिचायक नहीं होता, बल्कि समृद्धि तभी मानी जाती है जब हर व्यक्ति गरीबी रेखा से ऊपर आ जाता है।

उन्होंने कहा कि सहकारिता मंत्रालय ने देश भर में सहकारी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए 57 पहल की हैं। इनमें प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) के कंप्यूटरीकरण, तीन नई राष्ट्रीय सहकारी समितियों की स्थापना और त्रिभुवन सहकारी यूनिवर्सिटी की स्थापना शामिल है।

north zonal council meeting
zonal council meeting with amit shah

अमित शाह ने कहा कि क्षेत्रीय परिषदों की मूल भावना और भूमिका सलाहकारी है, लेकिन पिछले दशक में इसे एक्शन ओरियंटेड प्लेटफॉर्म के रूप में स्वीकारा गया है और इसके परिणाम भी मिले हैं। उन्होंने कहा कि राज्यों के बीच, क्षेत्र और राज्यों के बीच और केन्द्र और राज्य सरकारों के साथ फॉलोअप के साथ मुद्दों को हमने स्वीकारा भी है और इनके समाधान प्राप्त करने के लिए ठोस रास्ता भी बनाया है। उन्होंने कहा कि 2004 से 2014 के अनुपात में 2014 से 2025 तक क्षेत्रीय परिषदों की बैठकों में लगभग ढाई गुणा बढ़ोत्तरी हुई है। 2004 से 2014 में क्षेत्रीय परिषद और स्थायी समिति की कुल 25 बैठकें हुई थीं जबकि 2014 से 2025 के दौरान अब तक 64 बैठकें हुई हैं। इन बैठकों में 1600 मुद्दों पर चर्चा हुई और उनमें से 1303 मुद्दों (81.43%) का समाधान हुआ। यह सभी राज्य सरकारों, संघ शासित प्रदेशों तथा केन्द्रीय मंत्रालयों और विभागों के सहयोग से हो सका है। अंतर राज्य परिषद सचिवालय इसमें सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

अमित शाह ने मिलेट्स को बढ़ावा देने के अभियान में राजस्थान के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि सभी राज्यों को मिलेट्स के उत्पादन और प्रयोग को बढ़ाना चाहिए। उन्होंने राज्य सरकारों से मिलेट्स को गरीबों को हर महीने मिलने वाले 5 किलो मुफ्त अनाज में शामिल करने की अपील की। इससे मिलेट्स का उत्पादन बढ़ेगा, साथ ही नई पीढ़ी को मिलेट्स खाने की आदत पड़ेगी और लोगों की सेहत भी अच्छी रहेगी।

Amit shah with Nayab singh Saini
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह को प्रतीक चिन्ह भेंट करते हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी।

इस बैठक में राज्यों के मुद्दों के साथ राष्ट्रीय महत्व के 6 मुद्दों को भी शामिल किया गया है। इनमें- शहरी मास्टर प्लानिंग, विद्युत आपूर्ति व्यवस्था, प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACSs) को मजबूत करना, ‘पोषण अभियान’ के माध्यम से बच्चों में कुपोषण को दूर करना, स्कूली बच्चों की ड्रॉप-आउट दर कम करना, और आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में सार्वजनिक अस्पतालों की भागीदारी शामिल हैं।

इस बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, संघ शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया, जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा, दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और लद्दाख के उप-राज्यपाल कविंदर गुप्ता तथा इन राज्यों एवं सं शासित प्रदेशों के वरिष्ठ मंत्री भी शामिल हुए। बैठक में केंद्रीय गृह सचिव, अंतर राज्य परिषद सचिवालय के सचिव, सदस्य राज्यों के मुख्य सचिव एवं सलाहकार और राज्य सरकारों तथा केंद्रीय मंत्रालयों एवं विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

YuvaSahakar Team

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