केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने पूर्वोत्तर क्षेत्र को 2030 तक दूध, अंडा, मछली और मांस उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए सहकारी क्षेत्र के माध्यम से लक्षित निवेश और विशेष परियोजनाओं पर जोर दिया है। उन्होंने डेयरी, मत्स्यपालन और पशुपालन को क्षेत्रीय विकास, आय वृद्धि और रोजगार सृजन के बड़े अवसरों के रूप में चिन्हित किया।
अमित शाह ने कहा कि पूर्वोत्तर में इन क्षेत्रों की पर्याप्त संभावनाएं मौजूद हैं, लेकिन फिलहाल दूध, अंडा, मछली और मांस की जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा क्षेत्र के बाहर से पूरा किया जाता है।
उन्होंने NCDC के पूर्वोत्तर स्थित कार्यालयों को निर्देश दिया कि वे इन चार क्षेत्रों पर केंद्रित व्यावहारिक परियोजनाएं तैयार करें, आवश्यक वित्तपोषण की व्यवस्था करें और संबंधित राज्य सरकारों के साथ मिलकर उनका क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
अमित शाह के अनुसार, इन क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता से पूर्वोत्तर की आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है और बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि उपयुक्त वित्तीय सहायता और पेशेवर प्रबंधन के साथ सहकारी संस्थाएं इस क्षमता को वास्तविक आर्थिक गतिविधियों में बदल सकती हैं।
सहकारिता मंत्री ने नई मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसायटियों में प्रशिक्षित युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ‘सहकार मित्र’ कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण और इंटर्नशिप पूरी कर चुके युवाओं को इन संस्थाओं से जोड़ने से आधुनिक प्रबंधन, व्यावसायिक दक्षता और संस्थागत क्षमता मजबूत होगी।
NCDC अब देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुका है। शाह ने कहा कि इस नेटवर्क का उपयोग दूरदराज और कम सेवित क्षेत्रों तक सहकारिता आधारित विकास पहुंचाने के लिए किया जाना चाहिए।


