देश की नजरें 1 फरवरी की तारीख पर टिकी हैं, जब केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) संसद भवन में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय बजट (Budget 2026) पेश करेंगी। ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए यह बजट मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में देश आर्थिक दिशा तय करने वाला एक महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जा रहा है।
इस बार यह संसद का दुर्लभ वीकेंड सत्र होगा जो रविवार सुबह 11 बजे शुरू होगा। देश की उम्मीदों का बोझ लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी। वित्त मंत्री के बजट भाषण का युवा सहकार के सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म यूट्यूब, फेसबुक और ट्विट्टर (X) पर किया जाएगा।
स्वतंत्रता के बाद देश का यह 88वां बजट वित्त मंत्री सीतारमण का नौवां लगातार बजट होगा उन्हें मोरारजी देसाई के अलग-अलग समयावधि में पेश किए गए 10 बजट के रिकॉर्ड के बिल्कुल करीब पहुंचा देगा। इससे पहले पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने भी नौ बार बजट पेश किया है, लेकिन ये अलग-अलग प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल में पेश किए गए थे।
इस बार का बजट टैरिफ समेत कई भू-राजनितिक अनिश्चिततओं के बीच होने वाला है, ऐसे में इन चुनौतियों के बीच उनके बजट भाषण में भारत के आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सुधारात्मक उपायों के शामिल होने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार का जोर पूंजीगत व्यय (Capex) पर बना रहेगा। रेलवे, डिफेंस, और रोड इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए आवंटन बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए भी कुछ बड़े कदम उठा सकती है।
हलवा रस्म (Halwa Ceremony) के साथ बजट की छपाई प्रक्रिया (अब डिजिटल) पूरी हो चुकी है। अब देखना दिलचस्प होगा कि निर्मला सीतारमण की लाल पोटली (अब टैबलेट) से देश के लिए क्या कुछ ख़ास निकलेगा ?


