NCUI चुनाव में तीन विवादित मतों के चक्कर में नतीजे की घोषणा अटक गई है। अब 14 अगस्त के बाद ही नतीजों की घोषणा हो सकेगी क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई की यह नई तारीख दी है। इस विवाद के चलते एनसीयूआई के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव भी प्रभावित हो सकता है। दरअसल, इन पदों का चुनाव नई गवर्निंग काउंसिल के सदस्य ही करते हैं। सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित होने के चलते उनके चुनाव के आधिकारिक नतीजे अभी घोषित नहीं किए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट के अगले आदेश के बाद ही नतीजे घोषित किए जाएंगे।
वैसे तो एनसीयूआई की गवर्निंग काउंसिल के चुनाव हो चुके हैं। सत्ता पक्ष की जबर्दस्त जीत बताई जा रही है। लेकिन उसकी आधिकारिक घोषणा नहीं हो पा रही है। केंद्रीय सहकारी चुनाव प्राधिकरण को सुप्रीम कोर्ट के आदेश की दरकार है। बिना उसके नतीजों की औपचारिक घोषणा करना संभव नहीं है। चुनाव नतीजों की घोषणा अब 14 अगस्त, 2026 को सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद ही संभव हो सकेगी। सुप्रीम कोर्ट की प्राथमिकता में यह विषय आवश्यक नहीं लगा, लिहाजा इस मसले की अगली सुनवाई 14 अगस्त मुकर्रर कर दी गई है।
नेशनल कोऑपरेटिव यूनियन ऑफ इंडिया (NCUI) की गवर्निंग काउंसिल के चुनाव में तीन राष्ट्रीय सहकारी संस्थाओं को वोट देने की अनुमति तो मिल गई, लेकिन नतीजे पर रोक के साथ। इनमें नेशनल कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट्स लिमिटेड (NCEL), नेशनल कोऑपरेटिव ऑर्गेनिक्स लिमिटेड (NCOL) और भारतीय बीज सहकारी लिमिटेड (BBSSL) प्रमुख हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 4 मई, 2026 के अपने अंतरिम आदेश में तीनों संस्थाओं को चुनाव में वोट देने की अनुमति तो दे दी थी, लेकिन उनके मतों को सीलबंद रखने और परिणाम को अदालत के अंतिम आदेश के अधीन रखने को कहा था।
केंद्रीय सहकारी चुनाव प्राधिकरण का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट की रोक केवल इन तीन मतों तक सीमित है। इसलिए रिटर्निंग ऑफिसर को सीलबंद मतपेटी को छोड़कर ग्रुप-दो के अन्य मतों की गिनती करने और उम्मीदवारवार रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे, जो संपन्न हो चुका है।
एनसीयूआई की गवर्निंग काउंसिल के कुल 20 पदों के चुनाव में 10 उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए थे। जबकि बाकी 10 पदों के लिए 18 जुलाई को मतदान हुआ। राष्ट्रीय सहकारी महासंघों का प्रतिनिधित्व करने वाले ग्रुप-दो में पांच सीटों के लिए छह उम्मीदवार मैदान में थे। सीलबंद उन तीन राष्ट्रीय सहकारी सोसाइटी के मतों को छोड़कर बाकी में एनसीसीएफ के चेयरमैन विशाल सिंह को 11 और इफको के चेयरमैन दिलीप संघानी को 10 मत प्राप्त हुए हैं। जबकि नेफेड के निदेशक मोहनभाई कुंडारिया को नौ मत मिले। कृभको के निदेशक बिपिन पटेल और एनडीडीबी के चेयरमैन मीनेश शाह को आठ-आठ मत मिले। इसमें एक मत रद्द हो गया था। पांचवें और छठे स्थान के उम्मीदवारों के बीच अंतर तीन या उससे कम रहने पर सीलबंद मत अंतिम परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं। इसी कारण ग्रुप-दो का परिणाम औपचारिक रूप से घोषित नहीं किया गया है।


