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NEET रिजल्ट में गड़बड़ी का मामला पहुंचा कोर्ट, NTA से मांगा जवाब

एक छात्र ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ में याचिका दायर कर आरोप लगाया है

Published: 10:56am, 22 Jul 2026

नीट-यूजी 2026 की परीक्षा का विवाद एक बार फिर से गहराता जा रहा है। पेपर लीक के बाद दोबारा हुई नीट की परीक्षा के बाद अब मामला नीट के रिजल्ट को लेकर गरमा रहा है। देशभर से कई ऐसी शिकायतें एनटीए के पास आई हैं जिनमें विद्यार्थियों ने आरोप लगाया है कि ओएमआर शीट में गड़बड़ी के साथ-साथ उनके अंतिम परिणाम के नंबर ऑन्सर शीट की तुलना में कम हैं। यह मामला अब कोर्ट पहुंच गया है। मध्य प्रदेश के एक छात्र ने इसे लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ में याचिका दायर की है। याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने एनटीए से जवाब मांगा है।

इंदौर के छात्र का दावा: 305 अंक बनने के बावजूद मिले केवल 64

झाबुआ जिले के एक छात्र ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ में याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि एनटीए की आधिकारिक ओएमआर शीट और उत्तर कुंजी के आधार पर उसके 305 अंक बन रहे थे, लेकिन 16 जुलाई 2026 को घोषित परिणाम में उसे केवल 64 अंक दिए गए। छात्र का कहना है कि इस प्रकार उसके 241 अंक कम कर दिए गए।

याचिका में बताया गया है कि 14 जुलाई को जारी ओएमआर शीट में भौतिकी और रसायन विज्ञान के कई उत्तर रिक्त दिखाई दे रहे थे। बाद में पुनः लॉग-इन करने पर दूसरी ओएमआर शीट उपलब्ध हुई, जिसमें उत्तर दर्ज थे। छात्र के अनुसार दूसरी ओएमआर शीट और आधिकारिक उत्तर कुंजी के आधार पर भौतिकी में 104, रसायन विज्ञान में 125 तथा जीव विज्ञान में 76 अंक सहित कुल 305 अंक बनते हैं।

मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की युगल पीठ ने एनटीए से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। छात्र ने यह भी बताया कि उसने ई-मेल के माध्यम से एनटीए को शिकायत भेजी थी, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला। याचिका में उत्तर पुस्तिका के मूल्यांकन, अंक गणना और परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच तथा आवश्यक सुधार के निर्देश देने की मांग की गई है।

महाराष्ट्र के छात्र का आरोप: 522 की जगह मिले केवल 95 अंक

ऐसा ही एक मामला महाराष्ट्र के बीड जिले से सामने आया है। छात्र सोहम गावटे ने दावा किया है कि नीट-यूजी 2026 की दोबारा आयोजित परीक्षा के अंतिम परिणाम और आधिकारिक उत्तर कुंजी के अनुसार संभावित अंकों में बड़ा अंतर है।

छात्र के पिता नितिन गावटे के अनुसार, आधिकारिक उत्तर कुंजी के आधार पर रोहन के 522 अंक बनने चाहिए थे, लेकिन परिणाम में उसे केवल 95 अंक दिए गए। उनका कहना है कि यदि इस त्रुटि को समय रहते नहीं सुधारा गया तो छात्र का मेडिकल कॉलेज में प्रवेश प्रभावित हो सकता है।

वहीं दूसरी ओर वडवानी की ज्ञानेश्वरी पवार का आरोप है कि एनटीए द्वारा उपलब्ध कराई गई ओएमआर शीट उनकी नहीं थी। आधिकारिक उत्तर कुंजी के आधार पर छात्र को लगभग 720 में से 702 अंक मिलने की उम्मीद थी, जबकि ओएमआर स्कोर कार्ड में केवल 87 अंक दर्ज दिखाई दिए।

YuvaSahakar Desk