मध्य प्रदेश विधानसभा में बजट 2026–27 प्रस्तुत करते हुए उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने सहकारी क्षेत्र और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधानों की घोषणा की।
किसानों को सहकारी बैंकों के माध्यम से दिए जाने वाले अल्पकालीन फसल ऋण पर ब्याज अनुदान के लिए 720 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त सहकारी बैंकों को इक्विटी अंशदान और शेयर पूंजी सहायता के रूप में 575 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) को प्रबंधकीय अनुदान के रूप में 168 करोड़ रुपये प्रदान किए जाएंगे। वहीं स्थापना व्यय और ऑडिट बोर्ड के लिए 70–70 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (टीपीडीएस) के अंतर्गत परिवहन कमीशन प्रतिपूर्ति के लिए 779 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
डेयरी क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण पर बल देते हुए सरकार ने राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ साझेदारी कर मध्य प्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ को मजबूत करने की पहल की है।
राज्य में प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता 707 ग्राम प्रतिदिन है, जो राष्ट्रीय औसत से 46 प्रतिशत अधिक है। सरकार ने शून्य ब्याज फसल ऋण और वर्ष 2026–27 के लिए 25,000 करोड़ रुपये के कृषि ऋण लक्ष्य के साथ मध्य प्रदेश को देश की “मिल्क कैपिटल” बनाने का लक्ष्य रखा है।


