राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह ने आणंद स्थित एनडीडीबी मुख्यालय में “सहकारी व्यवसाय मॉडल के माध्यम से डेयरी विकास” विषय पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भारत, नेपाल और श्रीलंका से आए प्रतिभागियों के साथ संवाद किया।
यह कार्यक्रम वैकुंठ मेहता राष्ट्रीय सहकारी प्रबंधन संस्थान (वैमनीकॉम), पुणे के सेंटर फॉर इंटरनेशनल कोऑपरेशन एंड ट्रेनिंग के सहयोग से सार्क सचिवालय के सदस्य संस्थानों के लिए आयोजित किया गया।
प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए डॉ. शाह ने आणंद पैटर्न के तहत भारत की डेयरी विकास यात्रा पर प्रकाश डाला और सहकारी संस्थाओं को मजबूत बनाने, उत्पादकता बढ़ाने तथा टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने में एनडीडीबी की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सहकारी मॉडल छोटे दुग्ध उत्पादक किसानों को सशक्त बनाने और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने में अत्यंत प्रभावी साबित हुआ है, विशेषकर उन देशों में जहां सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियां समान हैं।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहकारी संस्थानों और विकास संगठनों के 15 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने सुशासन और वैल्यू चेन प्रबंधन जैसे विषयों पर सत्रों में हिस्सा लिया। साथ ही उन्होंने मुजकुवा डेयरी सहकारी समिति, आईडीएमसी लिमिटेड और अमूल डेयरी का दौरा कर भारत के सहकारी आधारित डेयरी तंत्र का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त किया।


