महाराष्ट्र में भारत का पहला AI-पावर्ड पक्षी अभयारण्य विकसित किया जाएगा। राज्य सरकार ने 21 जुलाई को इस महत्वाकांक्षी परियोजना की घोषणा करते हुए लगभग 45 करोड़ रुपये की मंजूरी दी। यह परियोजना मुंबई स्थित ठाणे क्रीक फ्लेमिंगो सैंक्चुअरी में विकसित की जाएगी। राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति की बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।
परियोजना का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक के माध्यम से पक्षियों के संरक्षण को मजबूत करना और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देना है। लगभग 20.09 हेक्टेयर क्षेत्र में भारत का पहला AI आधारित पक्षी पहचान एवं निगरानी केंद्र स्थापित किया जाएगा। यहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से पक्षियों की रियल टाइम ट्रैकिंग, प्रजातियों की पहचान, स्वचालित निगरानी, रिकॉर्डिंग और गतिविधियों का डिजिटल विश्लेषण किया जा सकेगा।
परियोजना के तहत मैंग्रोव नेचर ट्रेल, बर्ड वॉचिंग सेंटर, वॉच टावर, नेचर इंटरप्रिटेशन सेंटर और पर्यावरण-अनुकूल पर्यटक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इसके अलावा AI आधारित निगरानी प्रणाली से लैस इको-नेचर पार्क बनाए जाएंगे। सरकार का मानना है कि यह पहल जैव विविधता संरक्षण, वैज्ञानिक अध्ययन और पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। यह मॉडल भविष्य में अन्य संरक्षित क्षेत्रों में तकनीक आधारित वन्यजीव प्रबंधन का उपयोगी उदाहरण बन सकता है।


