केंद्र सरकार ने IndiaAI Mission और सेमीकंडक्टर योजनाओं के माध्यम से देश की संप्रभु एआई अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सरकार का उद्देश्य स्वदेशी फाउंडेशन मॉडल, उच्च क्षमता वाली कंप्यूटिंग, सुरक्षित एआई और घरेलू सेमीकंडक्टर निर्माण को बढ़ावा देना है।
मार्च 2024 में स्वीकृत IndiaAI Mission के लिए पांच वर्षों में 10,371.92 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मिशन के तहत प्राप्त 506 आवेदनों में से 20 स्वदेशी फाउंडेशन मॉडल प्रस्तावों को सहायता के लिए चुना गया है। इनमें 12 बड़े मल्टीमॉडल मॉडल और आठ छोटे भाषा मॉडल शामिल हैं। सरवम एआई, भारतजेन, Gnani.AI और अवतार एआई जैसे संस्थानों ने भाषा, आवाज और वीडियो निर्माण से जुड़े मॉडल विकसित किए हैं।
देश में एआई कंप्यूट क्षमता बढ़ाने के लिए 15 सेवा प्रदाताओं को सूचीबद्ध किया गया है। अब तक 237 परियोजनाओं को सब्सिडी वाली कंप्यूट सहायता के तहत 93.18 लाख GPU घंटे मंजूर किए गए हैं। दिल्ली स्थित एनआईसी डेटा सेंटर में लगभग 1.1 EFLOPS क्षमता वाला हाई-परफॉर्मेंस एआई कंप्यूट सिस्टम स्थापित करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
सरकार ने 11 राष्ट्रीय हैकाथॉन और नवाचार चुनौतियां आयोजित की हैं। इनके माध्यम से 62 एआई प्रोटोटाइप विकसित किए गए और 20 समाधान सार्वजनिक संस्थानों में लागू किए गए। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 58 एआई उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की मंजूरी दी गई है। सुरक्षित और विश्वसनीय एआई के लिए गोपनीयता, पक्षपात नियंत्रण, एल्गोरिदम ऑडिट और व्याख्यात्मक एआई से जुड़ी 13 परियोजनाएं भी चुनी गई हैं।
सेमीकंडक्टर क्षेत्र में अब तक 1.64 लाख करोड़ रुपये के निवेश वाली 12 विनिर्माण परियोजनाओं को मंजूरी मिली है, जिनमें से तीन ने व्यावसायिक उत्पादन शुरू कर दिया है। जुलाई 2026 में स्वीकृत Semicon 2.0 के लिए 1,27,500 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इसका लक्ष्य भारतीय चिप डिजाइन, फैब्रिकेशन इकाइयों, उन्नत पैकेजिंग और आवश्यक सामग्री एवं उपकरणों के घरेलू उत्पादन को बढ़ाना है।
सरकार के अनुसार इन पहलों से भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता, रोजगार, स्टार्टअप पारिस्थितिकी और वैश्विक प्रतिस्पर्धा मजबूत होगी


