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बेंगलुरु में IFFCO के चौथे नैनो उर्वरक संयंत्र का उद्घाटन

इस नए संयंत्र का उद्घाटन IFFCO के चेयरमैन दिलीप संघाणी ने किया

Published: 14:56pm, 26 Dec 2025

बेंगलुरु में IFFCO ने अपना चौथा नैनो उर्वरक संयंत्र शुरू किया है। इसे भारतीय खेती और सहकारी क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे आत्मनिर्भर और पर्यावरण के अनुकूल खेती को बढ़ावा मिलेगा।

इस नए संयंत्र का उद्घाटन IFFCO के चेयरमैन दिलीप संघाणी ने किया। कार्यक्रम में IFFCO के उपाध्यक्ष बलवीर सिंह, प्रबंध निदेशक के.जे. पटेल, बोर्ड के सदस्य और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

यह प्लांट हर दिन करीब दो लाख बोतल नैनो उर्वरक बना सकता है। इससे दक्षिण भारत के किसानों को नैनो उर्वरक समय पर और आसानी से मिल सकेगा। साथ ही क्षेत्र में IFFCO की आपूर्ति व्यवस्था और मजबूत होगी।

नैनो उर्वरक खेती में एक नई और असरदार तकनीक है। यह कम मात्रा में ही अच्छा परिणाम देता है, जिससे खाद की बर्बादी कम होती है। इससे किसानों का खर्च घटता है और मिट्टी व पानी पर भी कम असर पड़ता है। जलवायु परिवर्तन के समय में इसे खेती के लिए उपयोगी समाधान माना जा रहा है।

दिलीप संघाणी ने कहा कि यह संयंत्र सिर्फ एक फैक्ट्री नहीं है, बल्कि स्वदेशी तकनीक और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है। देश में ही उन्नत उर्वरक बनाकर भारत अब आयात पर निर्भरता कम कर रहा है।

IFFCO पहले ही नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे उत्पाद किसानों तक पहुंचा चुका है। परीक्षणों में पाया गया है कि ये उर्वरक फसल की पैदावार बनाए रखते हुए पारंपरिक खाद के उपयोग को कम करते हैं। नए संयंत्र से दक्षिण भारत में इनका इस्तेमाल और बढ़ेगा।

यह परियोजना भारत की सहकारी व्यवस्था की मजबूती को भी दिखाती है। IFFCO देश की 36,000 से अधिक सहकारी समितियों से जुड़ा है और करोड़ों किसानों के साथ काम करता है।

यह पहल सरकार के “सहकार से समृद्धि” के लक्ष्य के अनुरूप है। तकनीक और सहकारिता को जोड़कर IFFCO किसानों की आय बढ़ाने और टिकाऊ खेती को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहा है।

Diksha