हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खु ने वर्ष 2025–26 का राज्य बजट पेश करते हुए किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
सरकार ने प्राकृतिक खेती के तहत उगाई जाने वाली फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी की है। मक्का का MSP 30 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये प्रति किलो और गेहूं का MSP 40 रुपये से बढ़ाकर 60 रुपये प्रति किलो कर दिया गया है। इसके अलावा जो किसान अपनी उपज 2 किलोमीटर से अधिक दूरी पर स्थित संग्रह केंद्रों तक पहुंचाते हैं, उन्हें 2 रुपये प्रति किलो की ढुलाई सब्सिडी भी दी जाएगी।
किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए सरकार उन्हें ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) से जोड़ेगी, जिससे उन्हें अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके।
डेयरी क्षेत्र को भी बजट में खास प्राथमिकता दी गई है। MILKFED की सभी सेवाओं को ERP सिस्टम के जरिए पूरी तरह डिजिटल किया जाएगा, जिससे किसान मोबाइल फोन पर रियल-टाइम जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही पशुधन को एक डिजिटल लाइफसाइकिल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा।
राज्य सरकार ने डेयरी विकास के लिए प्रमुख जिलों में 10.73 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके अलावा, संकटग्रस्त किसानों की मदद के लिए 50 करोड़ रुपये की लागत से कृषि ऋण ब्याज सब्सिडी योजना शुरू करने की घोषणा की गई है, जिसमें वन-टाइम सेटलमेंट की सुविधा भी दी जाएगी।


