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त्योहारी मांग और GST सुधारों से उपभोक्ता कंपनियों के नतीजे सुधरने की उम्मीद

ग्रामीण उपभोक्ता विश्वास में हल्का सुधार आया है, जबकि शहरी विश्वास अब भी कमजोर है। इसके बावजूद शहरों में गैर-जरूरी खर्च में इजाफा देखने को मिल रहा है।

Published: 12:38pm, 17 Sep 2025

सिस्टेमैटिक्स रिसर्च की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही उपभोक्ता कंपनियों के लिए बेहतर साबित हो सकती है। घटती महंगाई, सप्लाई चेन में सुधार और त्योहारों की बढ़ती मांग सेक्टर की रिकवरी को गति देंगे। रिपोर्ट के मुताबिक खाद्य और पेय पदार्थों को संभावित जीएसटी कटौती से भी फायदा मिलने की संभावना है।

पहली तिमाही सुस्त, लेकिन सुधार के संकेत

वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में उपभोक्ता वस्तुओं की कंपनियों के नतीजे कमजोर रहे। हालांकि, राजस्व में 6.5% और बिक्री में 3.5% की वृद्धि दर्ज की गई, जो तिमाही-दर-तिमाही थोड़े बेहतर संकेत हैं। शहरी मांग में सुधार देखा गया, जबकि ग्रामीण मांग स्थिर रही। प्रतिकूल मौसम का असर जूस, कार्बोनेटेड पेय, आइसक्रीम, डेयरी और पेंट जैसी श्रेणियों पर पड़ा।

ग्रामीण मांग अब भी नाजुक

रिपोर्ट के अनुसार ग्रामीण बाजारों में रिकवरी आय वृद्धि से नहीं, बल्कि महंगाई घटने के कारण हो रही है। बचत घटने, खाद्य खर्च बढ़ने और अनौपचारिक उधारी से दबाव बढ़ा है। मजबूत मानसून से उत्पादन बढ़ा है, लेकिन फसलों की कम कीमतें किसानों की आय सीमित कर रही हैं।

शहरों में गैर-जरूरी खर्च बढ़ा

ग्रामीण उपभोक्ता विश्वास में हल्का सुधार आया है, जबकि शहरी विश्वास अब भी कमजोर है। इसके बावजूद शहरों में गैर-जरूरी खर्च में इजाफा देखने को मिल रहा है।

Diksha