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जमीनी डिजिटल क्रिएटर्स को मिलेगा राष्ट्रीय मंच, ‘जेम्स ऑफ इंडिया’ चैलेंज शुरू

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने देश के जमीनी स्तर के डिजिटल क्रिएटर्स की पहचान करने और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए ‘जेम्स ऑफ इंडिया’ चैलेंज के पायलट चरण की शुरुआत की है। इसके तहत क्रिएटर्स अपने जिले की संस्कृति, विरासत, पर्यटन, इतिहास, परंपराओं और विशिष्ट उपलब्धियों पर आधारित मौलिक वीडियो तैयार कर सकेंगे।

Digital Storytelling


Published: 08:00am, 22 Jul 2026

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने देश के जमीनी स्तर के डिजिटल क्रिएटर्स की पहचान करने और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए ‘जेम्स ऑफ इंडिया’ चैलेंज के पायलट चरण की शुरुआत की है। इसके तहत क्रिएटर्स अपने जिले की संस्कृति, विरासत, पर्यटन, इतिहास, परंपराओं और विशिष्ट उपलब्धियों पर आधारित मौलिक वीडियो तैयार कर सकेंगे।

चैलेंज के लिए प्रविष्टियां 1 अगस्त से 31 अगस्त, 2026 तक WAVES ओटीटी प्लेटफॉर्म के MyWAVES सेक्शन पर जमा की जा सकेंगी। प्रतिभागियों को एक से तीन मिनट की अवधि का वीडियो अपलोड करना होगा। पायलट चरण अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव, गोवा और लद्दाख में लागू होगा।

कार्यक्रम का संचालन प्रसार भारती, माय भारत तथा संबंधित राज्य और जिला प्रशासन के सहयोग से किया जाएगा। स्थानीय सांस्कृतिक और शैक्षणिक संस्थान भी क्रिएटर्स को संगठित करने और विषय-वस्तु तैयार करने में सहयोग करेंगे। यूट्यूब और मेटा भी अपने क्रिएटर नेटवर्क के माध्यम से इस पहल का प्रचार करेंगे।

चैलेंज में जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार दिए जाएंगे। प्रत्येक जिले में अधिकतम 20 विजेताओं को 50-50 हजार रुपये, राज्य स्तर पर चयनित क्रिएटर को दो लाख रुपये और राष्ट्रीय स्तर पर विजेताओं को पांच लाख रुपये का पुरस्कार मिलेगा।

मंत्रालय के अनुसार, पायलट चरण से प्राप्त अनुभव के आधार पर इसे सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तक विस्तारित किया जाएगा। पहल का उद्देश्य भारत के प्रत्येक जिले की अनूठी पहचान को डिजिटल माध्यम से राष्ट्रीय और वैश्विक मंच तक पहुंचाना है।

Jitendra