ड्रग तस्करी पर सरकार का कड़ा प्रहार, ‘जीरो टॉलरेंस’ के तहत हाईटेक निगरानी तेज

केंद्र सरकार ने युवाओं को नशे से बचाने और ड्रग तस्करी रोकने के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत कई कड़े कदम उठाए हैं

Government Intensifies Crackdown on Drug Traffickers Under Zero-Tolerance Policy


Published: 13:17pm, 05 Aug 2026

केंद्र सरकार ने युवाओं को नशे से बचाने और ड्रग तस्करी रोकने के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत कई कड़े कदम उठाए हैं। 26 जून 2026 को जारी ‘स्वापक नियंत्रण पर विजन दस्तावेज 2026-2029’ में संपूर्ण सरकार और संपूर्ण समाज के दृष्टिकोण पर आधारित तीन वर्षीय कार्ययोजना तय की गई है। एनसीबी, राज्यों की पुलिस और अन्य एजेंसियां संयुक्त अभियानों, खुफिया सूचनाओं, वित्तीय जांच, संपत्ति कुर्की, अवैध खेती नष्ट करने और तस्करों की निवारक हिरासत पर जोर दे रही हैं। बेहतर समन्वय के लिए चार-स्तरीय एनसीओआरडी तंत्र, एनसीओआरडी पोर्टल और संयुक्त समन्वय समिति गठित की गई है।

डार्कनेट, एन्क्रिप्टेड ऐप और क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से तस्करी रोकने के लिए साइबर विशेषज्ञों, डिजिटल फॉरेंसिक, एआई आधारित विश्लेषण और विशेष प्रशिक्षण का सहारा लिया जा रहा है। सभी एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स में समर्पित डार्कनेट एवं क्रिप्टोकरेंसी सेल बनाने की योजना है। नागरिक 24 घंटे मानस हेल्पलाइन 1933, ई-मेल, पोर्टल और उमंग ऐप पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। ‘मिशन ड्रग फ्री कैंपस’ के तहत शिक्षण संस्थानों के आसपास 500 मीटर क्षेत्र को नशामुक्त बनाने, जागरूकता, परामर्श और सहमति आधारित स्क्रीनिंग का प्रस्ताव है। भारत ने 27 देशों से समझौते और 19 देशों से एमओयू भी किए हैं, जिससे सहयोग मजबूत हुआ।

Jitendra