Trending News

 LPG पर बोले PM नरेंद्र मोदी- देश में पैनिक फैलाने की कोशिश कर रहे कुछ लोग, देशवासियों को किया आश्वस्त, कहा- अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठा रही है सरकार, कालाबाजारी करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई          आज प्रधानमंत्री जारी करेंगे पीएम-किसान की 22वीं किस्त, 9.32 करोड़ किसानों को मिलेंगे 18,640 करोड़ रुपये         किसानों को सहकारी बैंक से 7 दिन में फसल ऋण, e-KCC से सिर्फ 2 दिन में लोन की सुविधा, समय पर लोन चुकाने पर 3% ब्याज की छूट, राज्यसभा में अमित शाह ने दी जानकारी         भारत बनेगा बन रहा दुनिया का फूड बास्केट, 9 FTA से भारत के लिए 38 देशों के बाजार खुले, AAHAR के 40वें संस्करण को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने दी जानकारी         जल जीवन मिशन 2.0 को केंद्र सरकार ने दी मंजूरी, दिसंबर 2028 तक हर ग्रामीण घर में होगा नल से जल, 8.69 लाख करोड़ रुपये का बजट तय किया गया         मार्च में मौसम में लगातार बदलाव, गुजरात-राजस्थान में हीटवेव और लू का ऑरेंज अलर्ट, महाराष्ट्र में हीटवेव का यलो अलर्ट, 13 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट       

गोल्ड लोन के एनपीए में भारी वृद्धि, ये है कारण

बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) से सोना गिरवी रखकर कर्ज लेने वाले ग्राहकों द्वारा डिफॉल्ट में अप्रैल-जून 2024 तक 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। यह बढ़कर 6,696 करोड़ रुपये हो गया जो सिर्फ तीन महीने पहले 5,149 करोड़ रुपये था।

Published: 12:36pm, 31 Dec 2024

अर्थव्यवस्था की सुस्ती का असर गोल्ड लोन के एनपीए (गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां) में वृद्धि के रूप में देखा जा रहा है। बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) से सोना गिरवी रखकर कर्ज लेने वाले ग्राहकों द्वारा डिफॉल्ट में अप्रैल-जून 2024 तक 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। यह बढ़कर 6,696 करोड़ रुपये हो गया जो सिर्फ तीन महीने पहले 5,149 करोड़ रुपये था। एक आरटीआई (सूचना का अधिकार) के जवाब में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने यह जानकारी दी है। आरबीआई के अनुसार, वित्त वर्ष 2022-23 में 2021-22 की तुलना में गोल्ड लोन की वृद्धि दर सिर्फ 14.6 प्रतिशत रही।

आरबीआई द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, वाणिज्यिक बैंकों का गोल्ड लोन एनपीए मार्च 2024 में 1,513 करोड़ रुपये था जो जून 2024 तक 62 प्रतिशत की तेज वृद्धि के साथ 2,445 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसी तरह, एनबीएफसी के मामले में यह वृद्धि 24 प्रतिशत रही। एनबीएफसी का गोल्ड लोन एनपीए मार्च 2024 के 3,636 करोड़ रुपये से बढ़कर जून 2024 में 4,251 करोड़ रुपये हो गया।

अर्थव्यवस्था की धीमी रफ्तार के चलते गोल्ड लोन डिफॉल्ट में बढ़ोतरी हो रही है क्योंकि इसने आमदनी को प्रभावित किया है जिससे कर्जदारों के लिए भुगतान करना मुश्किल हो गया है। आमदनी प्रभावित होने से लोग अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए गोल्ड लोन ले रहे हैं। इसके अलावा सोने की कीमतें बढ़ने से भी सोना गिरवी रखकर कर्ज लेने की रफ्तार बढ़ी है। चालू वित्त वर्ष 2024-25 के पहले सात महीनों में सोने की कीमतों में निरंतर तेजी से बैंकों के गोल्ड लोन में 50.4 प्रतिशत की भारी वृद्धि हुई है। बैंकों का गोल्ड लोन अक्टूबर 2024 तक बढ़कर 1,54,282 करोड़ रुपये हो गया है जो मार्च 2024 में 1,02,562 करोड़ रुपये था। एक अनुमान के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष में बैंकों और एनबीएफसी का कुल गोल्ड लोन 3 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर जाएगा।

YuvaSahakar Team

Recent Post