दिल्ली सरकार ने सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले मेधावी विद्यार्थियों के लिए एक नई पहल शुरू की है। इसके तहत कक्षा 12वीं के विज्ञान वर्ग के छात्रों को JEE और NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क आवासीय कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी। यह सुविधा दक्षिणा फाउंडेशन की छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से दी जाएगी।
इस संबंध में दिल्ली शिक्षा निदेशालय (DoE) ने सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों को निर्देश जारी करते हुए पात्र विद्यार्थियों तक इस योजना की जानकारी पहुंचाने को कहा है।
कौन कर सकता है आवेदन?
इस छात्रवृत्ति के लिए केवल वे छात्र पात्र होंगे जो वर्तमान में सरकारी या सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 12वीं (विज्ञान संकाय) में अध्ययनरत हैं और जिनका शैक्षणिक प्रदर्शन बेहतर रहा है।
चयन कैसे होगा?
छात्रों का चयन जॉइंट दक्षिणा सेलेक्शन टेस्ट (JSDT) 2027 के माध्यम से किया जाएगा। यह परीक्षा दिसंबर 2026 में आयोजित होने की संभावना है। चयनित छात्रों को महाराष्ट्र के पुणे के निकट कडूस गांव स्थित दक्षिणा वैली परिसर में एक वर्ष की पूर्णकालिक आवासीय कोचिंग दी जाएगी।
कोचिंग के साथ रहने–खाने की भी सुविधा
इस छात्रवृत्ति के तहत विद्यार्थियों को किसी प्रकार का खर्च नहीं उठाना होगा। योजना में कोचिंग, हॉस्टल और भोजन की पूरी व्यवस्था निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्र भी बिना किसी वित्तीय चिंता के प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे।
छात्रों के लिए सुनहरा अवसर
इस पहल का उद्देश्य ऐसे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन और बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराना है, जो महंगी कोचिंग का खर्च वहन नहीं कर सकते। इससे छात्रों के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग और मेडिकल संस्थानों में प्रवेश पाने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
शिक्षा निदेशालय ने पात्र विद्यार्थियों को आवेदन प्रक्रिया और चयन परीक्षा से जुड़ी जानकारी के लिए अपने-अपने स्कूलों से नियमित संपर्क बनाए रखने की सलाह दी है। साथ ही स्कूलों से भी योग्य छात्रों को इस योजना का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करने को कहा गया है।


