Trending News

लोकसभा में आज CAPF बिल पेश होगा, राज्यसभा से हुआ पास, डिपुटेशन के नियम तय होंगे, विपक्ष कर रहा विरोध पीएलएफएस सर्वे-2025 में दावा- देश में घट रही है बेरोजगारी, 61.3 करोड़ लोगों के पास काम; महिलाओं का इंक्रीमेंट पुरुषों से ज्यादा बढ़ा देश में जातिगत जनगणना जारी, राष्ट्रपति मुर्मू, PM मोदी और HM शाह ने भरा ऑनलाइन फॉर्म, देश में पहली बार हो रही डिजिटल जनगणना नक्सल मुक्त घोषित हुआ भारत, गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में की घोषणा, कहा- जो हथियार उठाएगा वो कीमत चुकाएगा लोकसभा में आज CAPF बिल पेश होगा, राज्यसभा से हुआ पास, डिपुटेशन के नियम तय होंगे, विपक्ष कर रहा विरोध पीएलएफएस सर्वे-2025 में दावा- देश में घट रही है बेरोजगारी, 61.3 करोड़ लोगों के पास काम; महिलाओं का इंक्रीमेंट पुरुषों से ज्यादा बढ़ा देश में जातिगत जनगणना जारी, राष्ट्रपति मुर्मू, PM मोदी और HM शाह ने भरा ऑनलाइन फॉर्म, देश में पहली बार हो रही डिजिटल जनगणना नक्सल मुक्त घोषित हुआ भारत, गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में की घोषणा, कहा- जो हथियार उठाएगा वो कीमत चुकाएगा

EPFO की डिजिटल सेवाओं में बड़ा बदलाव, UPI से होगी तत्काल निकासी

ईपीएफओ जल्द ही एक नया मोबाइल ऐप लॉन्च करेगा, जिसमें यूपीआई के माध्यम से पीएफ खाते से तत्काल निकासी की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे कर्मचारियों को 75% तक राशि निकालने की अनुमति मिलेगी, जबकि 25% न्यूनतम बैलेंस फ्रीज रहेगा। यह ईपीएफओ 3.0 का हिस्सा है, जिसकी टेस्टिंग पूरी हो चुकी है।

Published: 13:05pm, 11 Feb 2026

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) अपनी ऑनलाइन सेवाओं को और अधिक सरल, तेज और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रहा है। ईपीएफओ की सेवाओं के सुधार के तीसरे चरण यानी EPFO 3.0 की शुरुआत के साथ ही कर्मचारियों को यूपीआई के माध्यम से अपने भविष्य निधि खाते से तत्काल निकासी की सुविधा मिलने जा रही है। इसके लिए ईपीएफओ अप्रैल 2026 में एक नया मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च करेगा, जिससे खाताधारक सीधे अपने बैंक खाते में यूपीआई के जरिए राशि ट्रांसफर कर सकेंगे।

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के उच्चपदस्थ सूत्रों के अनुसार, इस नई सुविधा का ट्रायल चरण लगभग पूरा हो चुका है। वर्तमान में 100 से अधिक डमी खातों के माध्यम से यूपीआई आधारित निकासी प्रणाली का परीक्षण किया जा रहा है। ट्रायल के संतोषजनक परिणामों के बाद अप्रैल माह में इस सेवा को आम खाताधारकों के लिए लॉन्च करने की तैयारी है।

नया मोबाइल ऐप, उमंग से अलग

ईपीएफओ का यह नया मोबाइल ऐप मौजूदा UMANG पोर्टल से अलग होगा। यह ऐप सीधे खाताधारक के बैंक खाते से लिंक रहेगा और भीम सहित अन्य यूपीआई एप्लिकेशन के साथ भी इंटीग्रेट किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, इस व्यवस्था से ईपीएफओ सदस्यों को अपनी जमा राशि को पहले बैंक खाते में ट्रांसफर कराने और फिर यूपीआई के माध्यम से तत्काल उपयोग करने की सुविधा मिलेगी।

न्यूनतम 25 प्रतिशत राशि रहेगी फ्रीज

हालांकि यूपीआई के जरिए निकासी की सुविधा पूरी तरह मुक्त नहीं होगी। लेबर कोड के नए नियमों के तहत ईपीएफ खाते में जमा कुल राशि का न्यूनतम 25 प्रतिशत हिस्सा अनिवार्य रूप से फ्रीज रखा जाएगा। शेष राशि में से खाताधारक अपनी आवश्यकता के अनुसार यूपीआई के जरिए निकासी कर सकेंगे। अधिकारियों के अनुसार, एक खाताधारक अपने ईपीएफ कोष का अधिकतम 75 प्रतिशत तक ही तुरंत निकाल पाएगा।

नौकरी छूटने की स्थिति में भी नियम यथावत रहेंगे। ऐसे मामलों में खाते में शेष 25 प्रतिशत राशि को 12 महीने की अवधि पूरी होने के बाद ही निकाला जा सकेगा। यह व्यवस्था कर्मचारियों के दीर्घकालिक सामाजिक सुरक्षा हितों को ध्यान में रखते हुए लागू की जा रही है।

ऐप से मिलेंगी अन्य सेवाएं भी

नया मोबाइल ऐप केवल निकासी तक सीमित नहीं होगा। इसके माध्यम से खाताधारक अपनी ईपीएफ पासबुक, बैलेंस की जानकारी, दावों की स्थिति, केवाईसी अपडेट जैसी कई अन्य ऑनलाइन सेवाओं का भी लाभ उठा सकेंगे। सरकार का उद्देश्य है कि ईपीएफओ से जुड़ी अधिकतम सेवाएं एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जाएं।

मौजूदा सेवाएं भी रहेंगी जारी

ईपीएफओ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नया मोबाइल ऐप लॉन्च होने के बाद भी यूएएन पोर्टल और उमंग प्लेटफॉर्म के जरिए मिलने वाली वर्तमान ऑनलाइन सेवाएं जारी रहेंगी। यानी खाताधारकों को विकल्पों की कमी नहीं होगी। फिलहाल ईपीएफ खाते से राशि निकालने के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया अपनानी होती है, जिसमें कुछ समय लगता है।

हालांकि ऑटो-सेटलमेंट मोड के तहत दावों का निपटान अपेक्षाकृत तेज हुआ है। हाल ही में ईपीएफओ ने ऑटो-सेटलमेंट की सीमा एक लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दी है, जिससे आवेदन जमा करने के तीन कार्यदिवस के भीतर भुगतान संभव हो रहा है।

करोड़ों कर्मचारियों को होगा लाभ

मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, ईपीएफओ का कुल कोष लगभग 26 लाख करोड़ रुपये का है और लगभग 7.5 करोड़ सक्रिय सदस्य नियमित रूप से इसमें योगदान कर रहे हैं। ईपीएफओ हर वर्ष पांच करोड़ से अधिक दावों का निपटान करता है। यूपीआई आधारित तत्काल निकासी सुविधा लागू होने से इन करोड़ों कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है और सामाजिक सुरक्षा प्रणाली में डिजिटल विश्वास और मजबूत होगा।

YuvaSahakar Desk