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अगले तीन सुपर 8 मैचों में फिंगर स्पिनरों से निपटने पर हमें ध्यान देना होगा : दोइत्श

भारतीय क्रिकेट टीम टी-20 विश्व कप के सुपर-8 में पहुंच गई है, लेकिन सहायक कोच रेयन टेन दोइत्श ने टीम के बाएं हाथ के बल्लेबाजों द्वारा फिंगर स्पिनरों के खिलाफ किए जा रहे संघर्ष पर चिंता जताई है। दोइत्श का मानना है कि धीमी पिचों और बड़ी बाउंड्री वाले मैदानों पर ऑफ स्पिनरों से निपटने के लिए एक ठोस रणनीति की आवश्यकता है, क्योंकि आगामी मैचों में न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसी टीमें इस कमजोरी का फायदा उठा सकती हैं।

Published: 17:54pm, 19 Feb 2026

मौजूदा चैंपियन भारत के अपने ग्रुप ए के सभी चारों मैच जीत अजेय रहकर आईसीसी टी-20 क्रिकेट विश्व कप के सुपर-8 में पहुंचने के बावजूद उसके बल्लेबाज, खासतौर पर बाएं हाथ के बल्लेबाज स्पिनरों के खिलाफ जूझते दिखे हैं। सहायक कोच रेयन टेन दोइत्श ने भारत की नीदरलैंड पर अहमदाबाद में 17 रन से जीत के बाद कहा कि स्पिन की मददगार पिचों पर उनसे निपटने के लिए भारत को बेहतर रणनीति बनाने की जरूरत है।

दोइत्श ने कहा, ‘मेरा मानना है बेहतर पिचों पर आप बल्लेबाजों को स्पिनरों के खिलाफ जूझता नहीं देखेंगे। आप ऐसी पिचों पर विश्वास के साथ अपने स्ट्रोक खेल सकते हैं। हमें ऐसी पिचों पर जहां गेंद कुछ रुक कर आती है और बाउंड्री बड़ी होती है उसके लिए हमारे बल्लेबाजों को बेहतर योजना बनाने की जरूरत है। हमें इस खतरे से निपटने के लिए एक सुनियोजित योजना की जरूरत है।’

भारत के शीर्ष क्रम में आठ में से छह बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं। ऐसे में प्रतिद्वंद्वी टीमों के लिए भारतीय बल्लेबाजों, खासतौर पर बाएं हाथ के बल्लेबाजों को ऑफ स्पिन से निशाना बनाने का मौका मिल जाता है। दोइत्श ने कहा, ‘सुपर-8 में उतरने से पहले मैं यह नहीं कहूंगा कि हमारे बल्लेबाज ऑफ स्पिनरों के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं बल्कि मैं यह कहूंगा कि हमारे बल्लेबाजों को फिंगर स्पिनरों के खिलाफ जूझना पड़ रहा है। अगले तीन सुपर-8 मैचों में हमें फिंगर स्पिनरों से निपटने पर ध्यान देना होगा। यह सच है कि भारत की स्पिनरों से निपटने की सोच ने बेशक प्रतिद्वंद्वी टीमों के लिए अपनी स्पिन गेंदबाजी की रणनीति बनाना आसान बना दिया है। मेरा मानना है कि पाकिस्तान ने हमारे खिलाफ 17 ओवर स्पिनरों से कराए और इनमें से 14 उसके फिंगर स्पिनरों ने फेंके। मुझे लगता है कि उन्होंने 78 रन देकर 4 विकेट लिए थे या कुछ ऐसा ही 125 रन देकर 5 विकेट। मेरा मानना है कि ये आंकड़े भारत के लिए अच्छे नहीं हैं।’

भारत के खिलाफ आखिरी ग्रुप मैच में नीदरलैंड के ऑफ स्पिनर आर्यन दत्त ने अपने पहले ओवर में अभिषेक शर्मा और दूसरे में इशान किशन को आउट किया और पावरप्ले में उन्होंने तीन ओवर में 17 रन देकर दो विकेट लिए। दोइत्श ने कहा, ‘मौजूदा टी-20 विश्व कप में ऐसा देखने को मिला है कि बीच के ओवरों में भारतीय बल्लेबाज खुलकर रन नहीं बना पाए हैं। मौजूदा टी-20 विश्व कप में खासतौर पर श्रीलंका में खेले मैच में बीच के ओवरों में बल्लेबाजी करना मुश्किल हो जाता है। टीमें अब पहले से ज्यादा चतुर हो गई हैं। कोलंबो में पाकिस्तान के खिलाफ मैच में पिच खासी मुश्किल थी। भारत ने नीदरलैंड के खिलाफ बेहतर बल्लेबाजी की। आर्यन दत्त के चार ओवर खासे मुश्किल रहे। खासतौर पर अहमदाबाद की बड़ी बाउंड्री और कोलंबो की धीमी पिच बल्लेबाजों की दिक्कत बढ़ाती है। हमें इसी पर ध्यान लगाने की जरूरत है।’

दोइत्श ने कहा, ‘हमारी बल्लेबाजी में शीर्ष तीन में बहुत ज्यादा विकल्प नहीं हैं। हमारे पास दाएं हाथ के संजू सैमसन हैं जो फिलहाल एकादश से बाहर हैं। आने वाले मैचों के मद्देनजर हम खासी अच्छी स्थिति में हैं। हम यदि इस बात पर निगाह डालें कि हमें आगे किन फिंगर स्पिनरों का सामना करना पड़ सकता है तो न्यूजीलैंड, वेस्ट इंडीज के साथ दक्षिण अफ्रीका के पास कप्तान एडेन मार्करम के रूप में कई फिंगर स्पिनर हैं। फिर भी कुल मिलाकर हमें अभी भी यही लगता है कि ये हमारे सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज हैं। हम अपनी टीम में बहुतेरे बाएं हाथ के बल्लेबाजों से काम चला लेंगे। अभिषेक शर्मा का रिकॉर्ड ही वह आत्मविश्वास है जिसकी उसे जरूरत है। आखिर के मारधाड़ वाले ओवरों में बल्लेबाजी में हमारे निचले क्रम को संभालने और आखिर के ओवरों में रन की रफ्तार बढ़ाने की जरूरत है।’

YuvaSahakar Desk